नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2025 को अपने 75वें जन्मदिन पर हरियाणा में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह अभियान देश भर में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने पर बल देगा। इस अभियान की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सोशल मीडिया पर हाल ही में अपने एक पोस्ट के जरिए दी हैं ।
अभियान से जुड़ी अहम बातें
इस मिशन के अंतर्गत देशभर में 75,000 स्वास्थ्य शिविर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्थानीय सुविधाओं पर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और रोग की रोकथाम संबंधी जांच उपलब्ध होंगी। पोषण माह (Poshan Maah) को आंगनबाड़ियों में विशेष रूप से मनाया जाएगा, जिसमें पोषण शिक्षा और शिशु आहार पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। सरकार का यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलेगा, ताकि फॉलो-अप और निगरानी और बेहतर ढंग से हो सके।
भारत की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति
- भारत का मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) 2014-16 में 130 से घटकर 2019-21 में 93 हुआ।
- शिशु मृत्यु दर (IMR) 2014 में 39 प्रति 1,000 जन्म से घटकर 2021 में 27 हुई।
- कुपोषण भारत के लिए अब भी चुनौती है बना हुआ हैं, NFHS-5 के अनुसार, 5 साल से कम उम्र के लगभग 35.5% बच्चे अभी भी अवरुद्ध वृद्धि (stunting) के शिकार हैं।
- वही महिलाओं में एनीमिया एक गंभीर समस्या बनी हुई है। देश में लगभग 57% महिलाएं इस बीमारी से प्रभावित हैं।
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किन राज्यों ने सुधार किया?
आंध्र प्रदेश: MMR घटकर 30 (2021-23) तक पहुंचा, जो पुरे देश में सबसे कम है।
कर्नाटक: 2014-16 में 108 से घटकर 2019-21 में 63 हुआ।
हरियाणा: 2020 में 106 से 2022 में 89, लेकिन राष्ट्रीय औसत से अब भी थोड़ा अधिक हैं।
निष्कर्ष
भारत ने मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने में काफी लंबी दूरी तय की है, लेकिन अभी भी पोषण और क्षेत्रीय असमानताओं जैसी चुनौतियां बाकी हैं। सरकार द्वारा चलाया जाने वाला स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान इन मुद्दों पर राष्ट्रीय ध्यान केंद्रित करेगा और साथ ही महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य को नई मजबूती भी प्रदान करेगा ।



