पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। निर्वाचन आयोग ने 10 सितंबर को दिल्ली में देश के सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में बिहार के सीईओ विनोद सिंह गुंजियाल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची तैयार करने के अनुभव अन्य राज्यों के साथ साझा करेंगे। बिहार में मतदाता सूची और बूथों का पुनरीक्षण पूरा हो चुका है, और अब अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रक्रिया चल रही है। बिहार का यह प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा
निर्वाचन आयोग इस बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा करेगा। इसमें मतदान के चरण, सुरक्षा बलों की तैनाती और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर बातचीत होगी। बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए सभी बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। साथ ही, नक्सली हिंसा या किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
दो एयर एंबुलेंस होंगी तैनात
चुनाव के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए निर्वाचन आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर दो एयर एंबुलेंस तैनात करने का फैसला किया है। ये एयर एंबुलेंस घायल या बीमार मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों को ग्रामीण इलाकों से बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद करेंगी। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी चुनौती से आसानी से निपटा जा सके।
इसको भी पढ़ें: ECI की बड़ी कार्रवाई: बिहार के 17 राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द
शुभंकर प्रतियोगिता से मतदाता जागरूकता को बढ़ावा
चुनाव को और आकर्षक बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एक अनूठी पहल शुरू की है। राज्यस्तरीय शुभंकर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 25 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये रखा गया है। प्रतिभागी कार्टून कैरेक्टर, रंगीन चित्र, डिजिटल ग्राफिक या कोई नया प्रतीक भेज सकते हैं। प्रविष्टियां जमा करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देना है। बिहार विधानसभा चुनाव को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग की ये तैयारियां न केवल राज्य, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल बन रही हैं।



