नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को भी भारी बारिश जारी रही, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, और प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और घर खाली करने की चेतावनी दी है।
मानसून और मौसम का पैटर्न
दिल्ली-एनसीआर में यह भारी बारिश असामान्य नहीं है, लेकिन इस साल की बारिश ने यमुना नदी के जलस्तर को बहुत तेजी से बढ़ाया है। आमतौर पर, मानसून के दौरान हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इस बार छोड़ी गई पानी की मात्रा बहुत अधिक थी, जिसने यमुना में जलस्तर को रिकॉर्ड समय में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा दिया।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार
- मंगलवार सुबह 9 बजे, दिल्ली के पुराने रेलवे ब्रिज (लोहा पुल) पर यमुना नदी का जलस्तर 205.81 मीटर तक पहुंच गया। यहाँ खतरे का निशान 205.33 मीटर है।
- यमुना का पानी यमुना बाजार, मॉनेस्ट्री मार्केट, ओल्ड उस्मानपुर गांव और बुराड़ी खादर जैसे निचले इलाकों में भर गया है, जिसके चलते लोग पलायन कर रहे हैं।
- हालात की गंभीरता को देखते हुए, ओखला बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं ताकि पानी का बहाव नियंत्रित किया जा सके।
ट्रैफिक एडवाइजरी और पुलों की स्थिति
पुराना लोहा पुल बंद: बढ़ते जलस्तर के कारण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर बताया है कि पुराना लोहे का पुल आज शाम 4 बजे से अगले आदेश तक यातायात और आम जनता की आवाजाही के लिए बंद रहेगा।
वैकल्पिक रास्ते: ट्रैफिक को हनुमान सेतु, राजा राम कोहली मार्ग और गीता कॉलोनी रोड से मोड़ा जाएगा।
पुलिस ने लोगों को इस इलाके में जाने से बचने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी है।
गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद का हाल
- गुरुग्राम: भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के कारण, आज स्कूलों और दफ्तरों को ऑनलाइन मोड में चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को हुई बारिश से कई किलोमीटर लंबा जाम भी लगा था।
- गाजियाबाद: यहां मंगलवार को भी बारिश जारी रही। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर जलजमाव के कारण लंबा जाम देखा गया।
- फरीदाबाद: जिले में पिछले 24 घंटों में 59.37 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो इस मानसून की सबसे अधिक बारिश है। धौज में सबसे ज्यादा 110 मिमी बारिश हुई। आज भी भारी बारिश की संभावना है।
दिल्ली में बाढ़ का इतिहास
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ का खतरा हमेशा से रहा है। निचले इलाके जैसे यमुना बाजार और बुराड़ी खादर, जो नदी के किनारे स्थित हैं, सबसे पहले प्रभावित होते हैं। ऐतिहासिक रूप से भी, जब-जब यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा है, इन इलाकों में बाढ़ और पलायन की स्थिति देखने को मिली है। प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले भी अलर्ट जारी किया है।
शहरी जल निकासी प्रणाली (Urban Drainage System)
दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद जैसे शहरों में भारी बारिश के बाद सड़कों पर जलजमाव एक आम समस्या है। इन शहरों की पुरानी और अपर्याप्त जल निकासी प्रणाली (ड्रेनेज सिस्टम) इस स्थिति को और भी बदतर बना देती है। बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता, जिससे सड़कों पर लंबे जाम लगते हैं और लोगों को भारी असुविधा होती है।
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अधिकारियों का रुख और तैयारी
- अलर्ट और सलाह: प्रशासन ने लगातार लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
- स्कूल और कार्यालयों पर प्रभाव: गुरुग्राम में स्कूलों और दफ्तरों को ऑनलाइन मोड पर करने का फैसला, यह दिखाता है कि अधिकारी यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।
यह सिर्फ एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि कई कारकों का परिणाम है, जिसमें मौसम का पैटर्न, भौगोलिक स्थिति और शहरी नियोजन की कमियां शामिल हैं।



