नई दिल्ली: पाकिस्तान के सेना प्रमुख के भारत पर विवादित बयान का रक्षा मंत्री ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ट्रोल करने वाली बात नहीं बल्कि खुलासे का विषय है। उन्होंने कहा कि अगर दो देश एक साथ आजाद हुए। एक (भारत) ने कड़ी मेहनत, सही नीतियों और दूरदर्शिता से स्पोर्ट्स कार जैसी अर्थव्यवस्था बनाई जबकि दूसरा (पाकिस्तान) नाकामी में फंसा रहा तो यह उनकी अपनी करतूत है। यह मजाक नहीं, स्वीकारोक्ति है।
नई दिल्ली में वर्ल्ड लीडर्स फोरम में उन्होंने कहा कि भारतीय लोकाचार वैश्विक व्यवस्था को प्रभुत्व की प्रतिस्पर्धा के रूप में नहीं, बल्कि सभी के लिए सद्भाव, सम्मान और पारस्परिक सम्मान की दिशा में एक साझा यात्रा के रूप में देखता है। हमारी परंपरा में शक्ति का मापदंड आदेश देने की क्षमता में नहीं बल्कि देखभाल करने की क्षमता में है। संकीर्ण हितों की पूर्ति में नहीं बल्कि वैश्विक भलाई के लिए प्रतिबद्धता में है।
हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत की समृद्धि के साथ- साथ, हमारी रक्षा क्षमता और राष्ट्रीय सम्मान के लिए हमारी संघर्षशीलता भी उतनी ही मज़बूत रहे। ऑपरेशन सिंदूर ने पहले ही हमारा संकल्प दिखा दिया है। हम पाकिस्तान के मन में भारत की ताकत के बारे में कोई भ्रम नहीं पनपने देंगे।
क्या कहा था पाक के सेना प्रमुख ने
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भारत की अर्थव्यवस्था की तुलना स्पोर्ट्स कार से की थी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की तुलना डंप ट्रक से की थी।
रक्षा निर्यात लगभग 35 गुना बढ़ा
राजनाथ सिंह ने बताया कि पिछले एक दशक में रक्षा निर्यात लगभग 35 गुना बढ़कर 2013-14 के मात्र 686 करोड़ से 2024-25 में 23,622 करोड़ रुपये हो गया है और अब रक्षा उत्पाद लगभग 100 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने इस वर्ष रक्षा निर्यात में 30,000 करोड़ रुपये और 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
घरेलू रक्षा उत्पादन दो लाख करोड़ पहुंचने की उम्मीद
उन्होंने बताया कि घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 के 40,000 करोड़ रुपये से तीन गुना बढ़कर 2024- 25 में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और चालू वित्त वर्ष में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की राह पर है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रक्षा पूंजी खरीद बजट का 75% भारतीय कंपनियों के लिए आरक्षित कर दिया है।
निर्यात 76 फीसदी बढ़ा
वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात में 76% की वृद्धि हुई है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। उन्होंने भारत की युवा आबादी को परिवर्तनकारी संपत्ति बताया। उन्होंने कहा कि 65% नागरिक 35 वर्ष से कम आयु के हैं और हमारा देश 100 से ज़्यादा यूनिकॉर्न के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम का घर है।



