बिहार के हर प्रखंड में बनेगा डेटा सेंटर

बिहार में लगभग 500 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लक्ष्य सभी सरकारी आंकड़ों को डिजिटली संग्रहित करना और प्रखंड स्तर पर आईटी संरचना को मजबूत करना है।

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पटना: बिहार सरकार ने राज्य के हर प्रखंड में एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर बनाने की योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य सभी सरकारी विभागों से जुड़े स्थानीय डेटा को डिजिटल रूप से एक ही जगह पर संग्रहित करना है। इस पूरी योजना पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

​क्यों बनाए जा रहे हैं डेटा सेंटर

योजना एवं विकास विभाग द्वारा तैयार की गई इस योजना का लक्ष्य प्रखंड स्तर पर आईटी संरचना को मजबूत करना है। इन डेटा सेंटरों में सभी सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को डिजिटली स्टोर किया जाएगा।

इससे कई तरह के फायदे होंगे

आंकड़ों का आसान उपयोग: जरूरत पड़ने पर ये आंकड़े तुरंत उपलब्ध होंगे, जिससे विकास और कल्याणकारी कार्यों के लिए बेहतर नीतियां बनाई जा सकेंगी।
​बेहतर निगरानी: सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी प्रखंड स्तर से ही की जा सकेगी।
​सुविधा और पारदर्शिता: लोगों को छोटी-मोटी जानकारी के लिए जिला या राज्य मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
आपदा प्रबंधन में मदद: बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय ये डेटा सेंटर बेहद उपयोगी साबित होंगे।

​केंद्र सरकार से मांगी गई है मदद

बिहार सरकार ने इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से भी वित्तीय सहायता मांगी है। इस संबंध में केंद्र को विधिवत पत्र भेजा गया है और उच्च-स्तरीय बैठकों में भी इस मांग को रखा गया है। केंद्र सरकार से सहयोग का आश्वासन भी मिला है।

​राज्य मुख्यालय में पहले से मौजूद है कंट्रोल सेंटर

यह योजना राज्य मुख्यालय में पहले से स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के विस्तार के तौर पर देखी जा रही है। यह सेंटर राज्य के सभी 45 विभागों और योजनाओं की जानकारी को एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है। यह विकसित बिहार स्ट्रेटेजी रूम और नीति आयोग के मॉडल पर आधारित है।
​योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया, “हम प्रखंड स्तर पर डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके निर्माण के बाद सरकारी योजनाओं की बेहतर ढंग से निगरानी की जा सकेगी, जिससे कल्याणकारी योजनाएं आम लोगों तक आसानी से पहुंचेंगी।”

मौजूदा व्यवस्था की चुनौती

अभी तक, विभिन्न सरकारी विभागों के आंकड़े अलग-अलग स्तरों पर, अक्सर मैन्युअल रूप से, संग्रहित होते हैं. इससे डेटा तक पहुंच मुश्किल होती है और कई बार जानकारी में दोहराव या विसंगतियां होती हैं. प्रखंड स्तर पर कोई एकीकृत डेटाबेस नहीं होने के कारण, किसी भी जानकारी के लिए लोगों और अधिकारियों को जिला या राज्य मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है.

​राज्य मुख्यालय का सफल मॉडल

इस नई योजना का विचार पटना में स्थापित ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ की सफलता से प्रेरित है. यह अत्याधुनिक सेंटर राज्य के सभी 45 विभागों और योजनाओं से जुड़ी जानकारी को एक क्लिक पर उपलब्ध कराता है. यह मॉडल ‘विकसित बिहार’ और नीति आयोग की सोच पर आधारित है, जिसने राज्य को डेटा-संचालित नीति निर्माण की ओर अग्रसर किया. प्रखंडों में डेटा सेंटर इसी सफल मॉडल को जमीनी स्तर तक ले जाने का विस्तार है।

​बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं से निपटने में मदद

बिहार एक आपदा-प्रवण राज्य है, जहां बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर आती हैं. ऐसे समय में, प्रभावित क्षेत्रों और लोगों से जुड़े सटीक और त्वरित डेटा की बहुत आवश्यकता होती है. ये डेटा सेंटर स्थानीय स्तर पर ऐसी जानकारी को संग्रहित करेंगे, जिससे आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाया जा सकेगा।

डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा

यह योजना केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान और ‘ई-गवर्नेंस’ के लक्ष्यों के अनुरूप है. बिहार सरकार ने इसके लिए केंद्र से भी मदद मांगी है।अगर यह योजना सफल होती है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है कि कैसे स्थानीय प्रशासन को टेक्नोलॉजी के जरिए अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सकता है।

यह योजना केवल डेटा सेंटर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रखंड स्तर पर एक ऐसी मजबूत डिजिटल नींव तैयार करना है, जो भविष्य में सरकारी कामकाज को सहज, पारदर्शी और आम जनता के लिए अधिक सुलभ बना सके।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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