नई दिल्ली: देश के शोधकर्ताओं ने ऐसे सेंसर की खोज की है जो जहरीली गैस के कम या ज्यादा रिसाव का तुरंत पता लगा सकेगा। फ्यूल स्टेशनों, वाहनों और औद्योगिक संयंत्रों में हाइड्रोजन रिसाव की तुरंत जानकारी मिलने पर इससे होने वाले हादसों को रोका जा सकेगा। जान-माल की हानि नहीं होगी। प्रदूषित शहरी वातावरण में वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (वीओसी) की निगरानी भी की जा सकती है।
एयरोस्पेस में भी हो सकेगा इस्तेमाल
इस सेंसर से स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में उभरे हाइड्रोजन का सुरक्षित उपयोग हो सकता है। हल्के होने के कारण रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र भी इसका उपयोग किया जा सकता है। हाइड्रोजन के छोटे से रिसाव का पता लगा सकती है। गैस स्टोव या केरोसिन स्टोव में जीवाश्म ईंधन को जलाने से उत्सर्जित होने वाली जहरीली नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की बहुत छोटी मात्रा का भी पता लगा सकती है।
हाइड्रोजन का बढ़ रहा है उपयोग
हाइड्रोजन पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत के रूप में उभर रहा है। इस वजह से इसका उपयोग ईंधन सेल, परिवहन और उद्योग में किया जा रहा है। यह जितना ही पर्यावरण के लिए बेहतर ऊर्जा स्रोत है उतना ही ज्वलनशील और विस्फोटक होता है। ऐसे में यह सेंसर इससे होने वाली घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।
आईआईएसईआर के शोधकर्ता कर रहे काम
तिरुवनंतपुरम स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) के भौतिकी विभाग के शोधकर्ता सेंसर की खोज में लगे हैं जो कमरे के तापमान पर हाइड्रोजन यहां तक कि अल्प मात्रा में भी पता लगा सके। इस परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के नैनो मिशन कार्यक्रम से सहयोग दिया गया है। सेंसर्स एंड एक्ट्यूएटर्स बी और एसीएस एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक मैटेरियल्स जर्नल और स्मॉल में पब्लिश स्टडी की सीरीज, स्वच्छ ऊर्जा, एयरोस्पेस और पर्यावरण निगरानी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए तेज, विश्वसनीय और ऊर्जा-कुशल गैस सेंसर की आवश्यकता को पूरा करती है।
स्केलेबल फैब्रिकेशन (मापनीय संरचना) का प्रदर्शन पहले ही हो चुका है, इसलिए यह शोध सटीक, कुशल और स्मार्ट गैस सेंसर की एक नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त करता है जो विभिन्न उद्योगों में सुरक्षा और निगरानी प्रणालियों के मानक घटक बन सकते हैं।
अभी ऐसे लगता है पता
अभी गैसों का रिसाव पता लगाने के लिए हाइड्रोजन सेंसर पैलेडियम (Pd) का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें खराब सेंसर सिग्नल रिकवरी जैसी समस्याएं हैं और पीडी के उपयोग से उत्पादन लागत बढ़ जाती है। पारंपरिक गैस सेंसरों को अक्सर उच्च परिचालन तापमान की आवश्यकता होती है। वे काफी ऊर्जा की खपत करते हैं जिससे वे पोर्टेबल या ऑन-चिप एप्लिकेशन के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं। ऐसे में छोटे आकार के कम शक्ति वाले हाइड्रोजन सेंसर की तत्काल आवश्यकता है जो संवेदनशील और मापने योग्य हो।



