लखनऊ: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार मथुरा पहुंचे। इस मौके पर बृज क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की कार्ययोजना की घोषणा की। वहीं, मथुरा व वृंदावन के लिए 646 करोड़ रुपये की 118 परियाेजनाओं की सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच हजार सालों के पौराणिक इतिहास के हम साक्षी बन रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश और दुनिया से भक्त यहां भक्तिमय भाव के साथ एकत्रित हुए हैं। मथुरा की पावन माटी और इसके रज-रज में श्रीकृष्ण बसे हैं। ऐसी भक्ति दुनिया में कहीं और मिलना दुर्लभ है। इस पवित्र भूमि को कोटि-कोटि नमन। सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
सीएम के मुताबिक, पूरी दुनिया भारत की आध्यात्मिक विरासत पर शोध के लिए उत्सुक है। जब भी विश्व को संकट से उबरना होगा, भारत की आध्यात्मिक विरासत ही स्थायी शांति और सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करेगी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के मकसद पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि उनका अवतार सज्जनों के संरक्षण और दुष्टों के संहार के लिए हुआ था। उन्होंने युद्धभूमि को धर्मभूमि में बदल दिया। श्रीकृष्ण की निष्काम कर्म की प्रेरणा हमें ताकत देती है। जब तक यह प्रेरणा हमारे बीच है, कोई हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकता।
सीएम ने कहा कि भारत की आजादी के 78 वर्ष पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता के शताब्दी महोत्सव, 2047 के लिए नए संकल्प रखे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुई 24 घंटे की चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक उत्तर प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
30 हजार करोड़ की कार्ययोजना का ब्योरा
मुख्यमंत्री ने बृजक्षेत्र के समग्र विकास के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की नई कार्ययोजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कार्ययोजना मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोकुल जैसे तीर्थ स्थलों को द्वापर युग की स्मृतियों से जोड़ेगी। हमारी सरकार पूज्य संतों की भावनाओं का सम्मान करने और बृजक्षेत्र को संवर्धित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम उन कार्यों को संभव बना रहे हैं, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।
सीएम ने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि 10 साल पहले इनकी कल्पना भी असंभव लगती थी, लेकिन आज ये साकार हो चुके हैं। काशी में जहां पहले 50 श्रद्धालु एक साथ दर्शन नहीं कर पाते थे, वहां आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर त्रेतायुग की स्मृति को जीवंत कर रहा है। इसी तरह, विंध्यवासिनी धाम में भी भव्य कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो चुका है।
यमुना की निर्मलता और अविरलता के लिए जताई प्रतिबद्धता
सीएम ने गंगा की निर्मलता और अविरलता का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गंगा आज स्नान और आचमन योग्य हो चुकी है। 2019 के प्रयागराज कुंभ में 67 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। उसी तरह, डबल इंजन सरकार यमुना की अविरलता और निर्मलता के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। उन्होंने बरसाना में रोपवे सुविधा का जिक्र करते हुए कहा कि यह बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत है। विकास का यही लाभ है कि हम श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
परिक्रमा मार्ग से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक की परियोजनाएं शामिल
मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन के लिए 646 करोड़ रुपये की 118 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 80 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनकी लागत करीब 273 करोड़ रुपए है। वहीं, 38 परियोजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया, जिनकी लागत करीब 373 करोड़ रुपए है। इन परियोजनाओं में परिक्रमा मार्गों का सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वार, कुंडों का जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं की सुविधा, कनेक्टिविटी, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
इसको भी पढ़ें: बालवाटिका बनी नौनिहालों के सीखने-खेलने का रंगीन संसार
सीएम ने जन्माष्टमी पर दिया लोकमंगल का संदेश
सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्माष्टमी की बधाई दी। साथ ही सनातन धर्म के संरक्षण पर जोर दिया। सीएम योगी ने आह्वान किया कि धर्म पथ का अनुसरण कर राष्ट्र मंगल के लिए करें कार्य। सुबह करीब 11.50 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने सबसे पहले ठाकुर केशवदेव और माता योगमाया के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने गर्भ गृह में श्रीकृष्ण चबूतरे की पूजा- अर्चना की। भागवत भवन के दर्शन के बाद, उन्होंने श्रद्धालुओं से भरे परिसर में अपना संबोधन दिया। उन्होंने श्री कृष्ण के 5252 वें जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ब्रजभूमि भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार श्रीकृष्ण की लीलाओं की भूमि है, और यह हम सबका सौभाग्य है कि भगवान के कई अवतारों ने उत्तर प्रदेश की भूमि को कृतार्थ किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या से लेकर मथुरा तक, ये स्थान हमारी आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक हैं।



