पटना: बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने उद्यमियों और कारोबारियों के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है, जिसमें मुफ्त जमीन, सब्सिडी और जीएसटी में छूट जैसे कई प्रोत्साहन शामिल हैं। यह कदम अगले पाँच सालों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने के सरकार के लक्ष्य का हिस्सा है।
क्या है इस विशेष पैकेज में
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस पैकेज की विस्तृत जानकारी दी है। यह पैकेज अगले 6 महीनों में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को मिलेगा, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएँ शामिल हैं:
कैपिटल और ब्याज सब्सिडी में बढ़ोतरी: कैपिटल सब्सिडी (पूंजीगत सहायता) और ब्याज सब्सिडी की प्रोत्साहन राशि को दोगुना किया जाएगा।
जीएसटी प्रोत्साहन: जीएसटी के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को भी दोगुना किया जाएगा।
मुफ्त जमीन: जो उद्योग ज्यादा रोजगार पैदा करेंगे, उन्हें सरकार मुफ्त में जमीन उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, सभी जिलों में उद्योगों के लिए जमीन की व्यवस्था की जाएगी।
विवादों का समाधान: उद्योग लगाने के लिए आवंटित भूमि से जुड़े सभी विवादों को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त किया जाएगा।
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रोजगार सृजन पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि सरकार ने सात निश्चय-2 के तहत 2020 में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। अब सरकार का अगला लक्ष्य अगले पाँच सालों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देना है। इस नई पहल का उद्देश्य बिहार को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाना है, जिससे राज्य के युवा आत्मनिर्भर और कुशल बन सकें। सरकार का मानना है कि इन प्रोत्साहनों से न सिर्फ नए उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि बिहार का आर्थिक विकास भी तेजी से होगा।



