नई दिल्ली: Asia Cup 2025 का आगाज 9 सितंबर से होने वाला है और भारतीय क्रिकेट टीम अपना पहला मुकाबला 10 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खिलाफ खेलेगी। हालांकि, टीम इंडिया (Team India) के स्क्वाड की घोषणा में देरी हो रही है और उम्मीद है कि अगस्त के आखिरी हफ्ते में 15 सदस्यीय दल का ऐलान किया जाएगा।
6 खिलाड़ी चोटिल, बढ़ी टीम की चिंता
टूर्नामेंट से पहले भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती चोटिल खिलाड़ियों (Injured cricketers India) की लंबी लिस्ट है। इंग्लैंड दौरे के बाद एक या दो नहीं बल्कि 6 खिलाड़ी गंभीर या हल्की चोटों से जूझ रहे हैं।
- ऋषभ पंत – विकेटकीपर-बल्लेबाज पंत के पैर में फ्रैक्चर है, जिससे एशिया कप में उनकी भागीदारी लगभग नामुमकिन लग रही है।
- नीतीश कुमार रेड्डी – घुटने की चोट के कारण बाहर रह सकते हैं।
- सूर्यकुमार यादव – स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी के बाद रिकवरी पर हैं।
- मयंक यादव – आईपीएल के दौरान लगी चोट अभी तक ठीक नहीं हुई।
- ईशान किशन – इंग्लैंड के खिलाफ वापसी का मौका मिला था, लेकिन स्कूटी हादसे में चोटिल हो गए।
- आवेश खान और जसप्रीत बुमराह – दोनों के फिटनेस को लेकर संदेह बरकरार है।
नए चेहरों के लिए मौका
चोटिल खिलाड़ियों की वजह से कई युवा और बेंच स्ट्रेंथ के खिलाड़ी टीम में जगह बना सकते हैं।
- संजू सैमसन – पंत की गैरमौजूदगी में मुख्य विकेटकीपर के तौर पर चयन की संभावना बढ़ गई है।
- ध्रुव जुरेल – बैकअप विकेटकीपर के रूप में नाम आ सकता है।
- अभिषेक शर्मा – रोहित शर्मा की जगह सलामी बल्लेबाज के रूप में नजर आ सकते हैं, जिन्होंने आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन किया था।
- साई सुदर्शन – नंबर 3 पर खेलने के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
- केएल राहुल और श्रेयस अय्यर – चोट से उबरने के बाद वापसी की संभावना है, जो मिडिल ऑर्डर को मजबूती देंगे।
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टीम संयोजन पर असर
एशिया कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता से पहले इस तरह के चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। कप्तान और कोच को टीम बैलेंस बनाए रखने के लिए नए विकल्पों पर भरोसा करना पड़ सकता है। साथ ही, यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका भी बन सकता है। एशिया कप 2025 के शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन चोटों की मार टीम इंडिया की तैयारियों पर असर डाल रही है। आने वाले दिनों में बीसीसीआई के लिए सही स्क्वाड चुनना बड़ी चुनौती होगी, जो न सिर्फ मौजूदा फिटनेस रिपोर्ट पर बल्कि खिलाड़ियों के हालिया फॉर्म पर भी निर्भर करेगा।



