नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस जहाज आईएनएस तमाल ने भारत वापसी यात्रा के दौरान 6-9 अगस्त तक मोरक्को के कासाब्लांका बंदरगाह पर अपना पड़ाव पूरा कर लिया है। आईएनएस तमाल ने अपने तीन दिवसीय बंदरगाह प्रवास के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग व सहभागिता को बढ़ाने पर केंद्रित अनेक गतिविधियों में भाग लिया। इनमें बंदरगाह यात्रा के दौरान वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा, क्रॉस डेक दौरे, खेल कार्यक्रम और योग शामिल थे। इस दौरान भारत-मोरक्को के बीच मित्रतापूर्ण संबंधों के सम्मान में दोनों पक्षों द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी किया गया।
जहाज के चालक दल ने मोरक्को के प्रथम नौसेना बेस के कमांडर कैप्टन रशीद सदराजी, सेंट्रल मैरीटाइम सेक्टर के कमांडर कैप्टन-मेजर हसन अकौली, कासाब्लांका क्षेत्र के हथियारों के अधिकारी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल जमाल काजतौफ और रॉयल मोरक्कन नौसेना के रियर-एडमिरल इंस्पेक्टर रियर एडमिरल मोहम्मद ताहिन के साथ बातचीत की। मोरक्को में भारतीय राजदूत संजय राणा ने इस जहाज का दौरा किया और उन्होंने मोरक्को की नौसेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों तथा जहाज के चालक दल के साथ बातचीत की।
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यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को पहले से सशक्त करने का प्रयास करता है। इसने दोनों देशों की नौसेनाओं को सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने और सहयोग के नए अवसर तलाशने का मार्ग भी प्रशस्त किया।
समुद्री कूटनीति को मिलेगी धार
आईएनएस तमाल को एक जुलाई को रूस में कमीशन किया गया था। यह युद्धपोत कई यूरोपीय व एशियाई बंदरगाहों से होते हुए भारत आ रहा है। इससे भारत की समुद्री कूटनीति को बढ़ावा मिलेगा और द्विपक्षीय संबंधों में भी तेजी आएगी। आईएनएस तमाल पिछले दो वर्षों में कासाब्लांका का दौरा करने वाला भारतीय नौसैना का तीसरा जहाज है।
क्या है INS तमाल की ताकत
यह समुद्र में तैनात होने वाला घातक योद्धा से कम नहीं है। इसकी मारक क्षमता इंद्र की पौराणिक तलवार की तरह तेज है। इस वजह से इसका नाम इस तलवार पर रखा गया है। यह स्टेल्थ फ्रिगेट आधुनिकतम हथियारों और उन्नत तकनीक से लैस है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल जो जमीन और समंदर में दूर बैठे लक्ष्य को कुछ ही सेकंड में तबाह कर सकती है।



