नई दिल्ली: सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। FAME-II योजना के तहत ई-2W, ई-3W, ई-4W और ई-बसों के लिए अनुदान दिया गया। नई पीएम ई-ड्राइव योजना (2024–26) ई-वाहनों को सहायता व परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन पर केंद्रित है। ACC और ऑटो क्षेत्र के लिए PLI योजनाएं घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देती हैं। SPMEPCI और PSM योजनाएं EV निर्माण और बस सेवाओं में निवेश को प्रेरित करती हैं। EV चार्जिंग ढांचे, जीएसटी कटौती, रोड टैक्स छूट और आर एंड डी पर विशेष ध्यान देकर सरकार ई-वाहन क्रांति को गति दे रही है।
पीएम ई-ड्राइव योजना
10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली यह योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक कार्यान्वित की जा रही है। पीएम ई-ड्राइव का उद्देश्य ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-ट्रक, ई-बस, ई-एम्बुलेंस, ईवी पीसीएस सहित इलेक्ट्रिक वाहनों को सहायता देना और परीक्षण एजेंसियों का उन्नयन करना है।
एसीसी के लिए पीएलआई योजना
सरकार ने 12 मई, 2021 को 18,100 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ देश में एसीसी के निर्माण के लिए उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) योजना को मंज़ूरी दी। इस योजना का उद्देश्य 50 गीगावाट घंटे की एसीसी बैटरियों के लिए एक प्रतिस्पर्धी घरेलू विनिर्माण इकोसिस्टम स्थापित करना है।
पीएलआई-ऑटो : सरकार ने 23 सितंबर, 2021 को 25,938 करोड़ रुपये के बजट के साथ इस योजना को मंज़ूरी दी। यह योजना न्यूनतम 50 प्रतिशत घरेलू मूल्य संवर्धन (डीवीए) के साथ उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (एएटी) उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और ऑटोमोटिव विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में निवेश आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है।
एसपीएमईपीसीआई: भारत में इलेक्ट्रिक कारों के विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए इस योजना को 15 मार्च, 2024 को अधिसूचित किया गया था। इसके लिए आवेदकों को न्यूनतम 4150 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा और तीसरे वर्ष के अंत में न्यूनतम 25 प्रतिशत और पांचवें वर्ष के अंत में 50 प्रतिशत डीवीए प्राप्त करना होगा।
पीएसएम योजना : 28 अक्टूबर 2024 को अधिसूचित इस योजना का बजट 3,435.33 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य 38,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती में सहायता प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (पीटीए) की ओर से भुगतान में चूक की स्थिति में ई-बस ऑपरेटरों को भुगतान सुरक्षा प्रदान करना है।
ये कदम उठाए गए
- विद्युत मंत्रालय ने ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए गाइडलाइंस और स्टैडर्ड जारी किए हैं। इससे कनेक्टेड और इंटरऑपरेबल ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क बनाने के लिए मानकों और प्रोटोकॉल की रूपरेखा तैयार करते हैं। ये दिशानिर्देश ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली कनेक्शन की सुविधा भी प्रदान करते हैं।
- वित्त मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है।
- बैटरी चालित वाहनों को हरी प्लेट दी जाएगी और उन्हें परमिट आवश्यकताओं से छूट दी जाएगी। एमओआरटीएच ने एक अधिसूचना जारी कर राज्यों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स माफ करने की सलाह दी है।
- मॉडल भवन उप-नियमों में संशोधन किया गया है। इसके अंतर्गत निजी और वाणिज्यिक भवनों में चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
फेम योजना की स्थिति
ईवी वाहनों की वितरित कुल मांग प्रोत्साहन (करोड़ रुपये में)
- दो पहिया 14,28,882 4,912
- तीन पहिया 1,64,718 1,110
- चार पहिया 22,615 537
- कुल योग 16,16,215 6,559
पीएम ई-ड्राइव योजना
भारत में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से अपनाने और मैन्यूफेक्चरिंग के लिए योजना चरण- II (एफएएमई-II) को 01.04.2019 से 31.03.2024 तक 11,500 करोड़ रुपये की सहायता के साथ अखिल भारतीय स्तर पर ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू और ई-4डब्ल्यू के खरीदारों को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया गया था। ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-ट्रक और ई-एम्बुलेंस की मांग को प्रोत्साहित करने के लिए 10,900 करोड़ रुपये वाली पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव से वाहन के नवोन्मेषी उन्नयन में क्रांति (पीएम ई-ड्राइव) योजना अधिसूचित की गई थी। ईएमपीएस 2024 को पीएम ई-ड्राइव योजना में शामिल कर लिया गया है।
पीएम-ई-बससेवा योजना के तहत स्वीकृत 7,293 ई-बसें (31.07.2025 तक)
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | बसें | जारी धनराशि ( करोड़ रुपये में) |
| कर्नाटक | 750 | – |
| आंध्र प्रदेश | 750 | – |
| उत्तराखंड | 150 | – |
| छत्तीसगढ | 240 | 30.19 |
| राजस्थान | 675 | 44.46 |
| मध्य प्रदेश | 582 | – |
| लद्दाख | 15 | – |
| असम | 100 | 6.47 |
| पुद्दुचेरी | 75 | – |
| बिहार | 400 | 87.55 |
| मेघालय | 50 | – |
| पंजाब | 347 | 18.06 |
| ओडिशा | 400 | 47.72 |
| महाराष्ट्र | 1,559 | 200.18 |
| जम्मू-कश्मीर | 200 | – |
| हरियाणा | 450 | – |
| गुजरात | 450 | 28.94 |
| चंडीगढ़ | 100 | 11.87 |



