रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन का वृद्धा संबंधी बीमारी के कारण सोमवार को निधन हो गया। वह 81 साल के थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। वे पिछले एक महीने से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पुत्र और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज सुबह एक्स पर लिखा, “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं।”
आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 4, 2025
आज मैं शून्य हो गया हूँ…
लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन
शिबू सोरेन को जून के आखिरी सप्ताह में किडनी संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से जारी बयान के अनुसार, यहां उनका आज सुबह 08:56 बजे निधन हो गया। डॉक्टरों ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले उन्हें स्ट्रोक भी आया था, जिसके बाद से वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। डॉक्टरों की टीम ने लगातार उनकी निगरानी की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
झारखंड के अलग राज्य आंदोलन में अहम भूमिका
शिबू सोरेन को झारखंड के अलग राज्य आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है। उन्होंने 38 वर्षों से अधिक समय तक JMM का नेतृत्व किया। उनकी अगुवाई में झारखंड को अलग राज्य बनाने की लड़ाई लड़ी गई, जिसमें उन्हें सफलता मिली। झारखंड की राजनीति में उन्हें उनके अनुयायी ‘दिशोम गुरु’ (देश का गुरु) कहकर पुकारते थे।
तीन बार रहे मुख्यमंत्री
शिबू सोरेन ने तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने पहली बार: 2 मार्च 2005 से 12 मार्च 2005 तक, दूसरी बार: 27 अगस्त 2008 से 19 जनवरी 2009 तक और तीसरी बार: 30 दिसंबर 2009 से 1 जून 2010 तक मुख्यमंत्री रहे।
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केंद्रीय राजनीति में भी रहे सक्रिय
शिबू सोरेन ने केंद्रीय राजनीति में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। वे 8 बार लोकसभा सांसद और 3 बार राज्यसभा सांसद रहे। उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी देश की सेवा की।



