नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र चार दिवसीय सत्र चार अगस्त से शुरू होगा। इस बार पूरे सत्र का कामकाज कागज रहित होगा। सरकार का दावा है कि ई-विधानसभा लागू करना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। उधर, इस सेशन में दिल्ली सरकार निजी स्कूलों के शुल्क में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए शिक्षा सुधार विधेयक पेश करेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को मीडिया को बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से विधानसभा परिसर में 500 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। इससे विधानसभा अब पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित हो गई है। यह परियोजना दिल्ली को स्थायी ऊर्जा समाधान में अग्रणी बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन के तहत अब महिलाएं रात 9 बजे के बाद भी सुरक्षित माहौल में काम कर सकेंगी। यह कदम रोजगार और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा। साथ ही, आगामी सत्र में शिक्षा सुधार विधेयक पर व्यापक चर्चा होगी, जो दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाएगा।
दिल्ली अब केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं, बल्कि तकनीक-संचालित सुशासन का मॉडल बन रही है। गड्ढों और जलभराव जैसे छोटे मुद्दों से लेकर बड़े नीतिगत निर्णयों तक, हम हर स्तर पर बदलाव की रफ्तार ला रहे हैं। यह नई कार्य प्रणाली दिल्ली को विकास के नए शिखर पर ले जाएगी।
सरकार के 199 विभागों में 119 ई-ऑफिस में तब्दील
रेखा गुप्ता ने जानकारी दी है कि दिल्ली सरकार अपनी शासन प्रणाली को अधिक सुलभ, त्वरित और पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठा रही है। राजधानी के सभी सरकारी कार्यालयों को डिजिटलाइज करने की इस मुहिम ने प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार तेज गति से बढ़ी है। सीएम के मुताबिक, उन्होंने खुद अपने कार्यालय को ई- ऑफिस में बदल दिया है, ताकि बाकी विभाग भी इस प्रणाली में अपने को बदल ले। ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारंपरिक कागजी फाइलों को डिजिटल रूप में बदलकर कार्यप्रणाली को पूरी तरह आधुनिक बना दिया गया है। सरकारी कार्यालयों को डिजिटलाइज करने के लिए अफसरों से लेकर नीचे स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है।
सीएम ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि जब केंद्र सरकार के सभी कार्यालय इसी प्रणाली पर काम कर रहे हैं तो देश की राजधानी के सरकारी कार्यालयों को भी ई-ऑफिस सिस्टम को अपनाना होगा। इस सिस्टम का लाभ यह होगा कि सबकी जिम्मेदारी तय हो जाएगी और लगातार इस बात की जानकारी मिलती रहेगी कि अधिकारी या विभाग के पास कितने दिन फाइल पेंडिंग रखी हुई है।
दिल्ली दिल्ली सरकार के कुल 199 विभागों में से 119 विभाग अब पूरी तरह ई-ऑफिस पर कार्य कर रहे हैं, जो जून माह में 22 प्रतिशत था, वह लगभग 60 प्रतिशत हो गया। इसी अवधि में इन विभागों द्वारा उपयोग की गई डिजिटल फाइलों की संख्या 1.18 लाख से अधिक रही, जो कि पिछले माह (जून) की तुलना में 250 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि को रेखांकित करती है।



