जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने बिहार में SIR पर उठाए सवाल

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने बिहार में एसआईआर और मालेगांव ब्लास्ट फैसले पर सवाल उठाए हैं। जमायअ ने इसको लोकतंत्र, न्याय और मानवाधिकारों के लिए खतरा बताया है।

Share This Article:

नई दिल्ली: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण, बंगाली भाषी प्रवासियों के उत्पीडऩ और मालेगांव विस्फोट मामले में आए फैसले पर सवाल उठाए हैं। जेआईएच ने इन मुद्दों को लोकतंत्र, न्याय और मानवाधिकारों के लिए खतरा बताया।
जमाअत के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को एनआरसी शैली का पिछले दरवाजे वाला अभ्यास करार देते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2.93 करोड़ मतदाताओं से जन्म और माता-पिता की उत्पत्ति के दस्तावेज मांगना गरीब, अल्पसंख्यक और प्रवासी समुदायों, खासकर सीमांचल जैसे पिछड़े क्षेत्रों पर, भारी बोझ डालता है। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करती है, जिससे मताधिकार छिनने का खतरा है। उन्होंने एसआईआर को तत्काल स्थगित करने, पारदर्शी दिशानिर्देश जारी करने और राशन कार्ड जैसे वैध दस्तावेज स्वीकार करने की मांग की।

मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने अदालत के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2008 के इस हमले में छह लोग मारे गए थे और सौ से अधिक घायल हुए थे, लेकिन 17 साल बाद भी अभियोजन पक्ष मामला साबित करने में विफल रहा। उन्होंने जांच एजेंसियों की भूमिका और राजनीतिक हस्तक्षेप की स्वतंत्र जांच की मांग की।

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) के सचिव नदीम खान ने असम, गुजरात, दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासियों, विशेषकर मुसलमानों, के उत्पीडऩ को मानवीय संकट बताया। उन्होंने कहा कि वैध दस्तावेजों के बावजूद इन लोगों को बांग्लादेशी करार देकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अवैध हिरासत, निर्वासन पर रोक, न्यायिक जांच और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की।

Tags :

Ashutosh Mishra

mishutosh@yahoo.co.in

Lorem Ipsum Dolor sit amet

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.