नई दिल्ली: Mohalla Clinic Vs Ayushman Arogya Mandir: दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव का दौर चल रहा है।आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार द्वारा शुरू किए गए मोहल्ला क्लिनिक अब धीरे-धीरे आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) में तब्दील हो रहे हैं। अब तक 67 AAM शुरू हो चुके हैं, और सरकार की योजना 1,139 ऐसे केंद्र खोलने की है। ये केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त प्रदान करते हैं। आइए, जानते हैं कि मोहल्ला क्लिनिक और आयुष्मान आरोग्य मंदिर में क्या अंतर है और कौन सी सुविधाएं मिलती हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सुविधाएं
आयुष्मान आरोग्य मंदिर व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं, जो मोहल्ला क्लिनिक से अधिक उन्नत हैं। इनमें शामिल हैं:
- मातृत्व और शिशु देखभाल: गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व और बाद की देखभाल।
- मुफ्त टीकाकरण: बच्चों और वयस्कों के लिए आवश्यक टीके।
- मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं: परामर्श और उपचार।
- संक्रामक रोग नियंत्रण: टीबी, कुष्ठ रोग आदि का निदान और उपचार।
- नॉन-कम्युनिकेबल रोगों की जांच: डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, और कैंसर स्क्रीनिंग।
- मुफ्त दवाएं और टेस्ट: 90 लैब टेस्ट और 30 बाहरी टेस्ट मुफ्त।
- योग कक्षाएं: सप्ताह में दो बार योग सत्र।
- आपातकालीन सुविधा: प्राथमिक उपचार और जरूरत पड़ने पर अस्पताल रेफरल।
इसमें मरीजों का पंजीकरण डिजिटल रूप से होता है, और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाती है।
मोहल्ला क्लिनिक की सुविधाएं
मोहल्ला क्लिनिक, जो 2015 में AAP सरकार ने शुरू किए, सीमित लेकिन जरूरी सेवाएं प्रदान करते थे:
- बेसिक इलाज: बुखार, खांसी, और फ्लू जैसी सामान्य बीमारियों का उपचार।
- मुफ्त दवाएं और टेस्ट: ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन जैसे बुनियादी टेस्ट।
- प्रारंभिक मातृत्व देखभाल: गर्भवती महिलाओं की जांच, लेकिन डिलीवरी सुविधा नहीं।
- टीकाकरण: बच्चों और वयस्कों के लिए टीके।
- मानसिक स्वास्थ्य: बुनियादी परामर्श और दवाएं।
दोनों में प्रमुख अंतर
मोहल्ला क्लिनिक मुख्य रूप से सामान्य बीमारियों के इलाज तक सीमित थे, जबकि AAM व्यापक सेवाएं जैसे कैंसर स्क्रीनिंग, आपातकालीन उपचार, और योग सत्र प्रदान करते हैं। AAM में स्थायी बुनियादी ढांचा और इन-हाउस टेस्टिंग पर जोर है, जबकि मोहल्ला क्लिनिक अक्सर किराए के स्थान पर चलते थे और टेस्ट आउटसोर्स किए जाते थे।
मरीजों को लाभ
मरीजों का कहना है कि AAM में मुफ्त टेस्ट और दवाओं से प्राइवेट क्लिनिक का खर्च बच रहा है। पहले जहां 1,000 रुपये तक खर्च होते थे, अब यह सुविधा मुफ्त है।



