नई दिल्ली: एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने 15 जुलाई 2025 को भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार, मॉडल Y, लॉन्च की। इसके साथ ही मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में टेस्ला का पहला शोरूम खोला गया। मॉडल Y दो वेरिएंट्स में उपलब्ध है: स्टैंडर्ड रेंज (रियर-व्हील ड्राइव) और लॉन्ग रेंज (रियर-व्हील ड्राइव), जिनकी कीमत क्रमशः 59.89 लाख रुपये और 67.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। भारत में यह कीमत अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक है। इसकी मुख्य वजह आयात शुल्क और कर हैं।
विभिन्न देशों में मॉडल Y की कीमत
टेस्ला मॉडल Y की कीमत वैश्विक बाजारों में आयात शुल्क, स्थानीय उत्पादन, और बाजार रणनीति के आधार पर भिन्न है। चीन में यह सबसे सस्ती है, जहां स्टैंडर्ड रेंज वेरिएंट की कीमत लगभग 263,500 युआन (लगभग 31.57 लाख रुपये) है, क्योंकि टेस्ला का शंघाई गीगाफैक्ट्री स्थानीय उत्पादन करता है। अमेरिका में मॉडल Y की कीमत 44,990 डॉलर (लगभग 38.63 लाख रुपये) से शुरू होती है, जहां संघीय कर छूट उपलब्ध है।
जर्मनी में यह 45,970 यूरो (लगभग 46.09 लाख रुपये) में मिलती है, यूरोपीय बाजारों के लिए बर्लिन गीगाफैक्ट्री से आपूर्ति के कारण। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मॉडल Y रियर-व्हील ड्राइव की कीमत 198,170 दिरहम (लगभग 54 लाख रुपये) है। भारत में कीमत इन देशों की तुलना में लगभग दोगुनी हैं।
भारत में उच्च कीमत का कारण
भारत में टेस्ला मॉडल Y की ऊंची कीमत का प्रमुख कारण 100% आयात शुल्क है, जो 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाली पूर्ण निर्मित इकाइयों (CBU) पर लागू होता है। इसके अतिरिक्त, जीएसटी, टीसीएस, और राज्य-विशिष्ट सड़क कर लागत को और बढ़ाते हैं। भारत में टेस्ला की कोई स्थानीय विनिर्माण इकाई नहीं है, जिसके कारण सभी वाहन शंघाई या अन्य गीगाफैक्ट्री से आयात किए जाते हैं। यदि टेस्ला भारत में उत्पादन शुरू करती है, तो कीमतें काफी कम हो सकती हैं, जिससे यह अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
टेस्ला भारत में प्रीमियम ईवी सेगमेंट को लक्षित कर रही है, जहां यह बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, और किआ जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय उत्पादन और बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ टेस्ला भविष्य में कीमत कम कर सकती है।



