देशभर में बिछा 5G का जाल, फर्राटा भर रहा नेटवर्क

5G नेटवर्क की जद में पूरा देश आ गया है। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बताया कि टीएसपी ने देशभर में 5जी सेवाओं का विस्तार किया है।

Share This Article:

नई दिल्ली: देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 5G सर्विस शुरू कर दी गई है। 99.8 प्रतिशत जिलों में 5G नेटवर्क है। Telecommunications service providers (टीएसपी) की ओर से 4.86 लाख 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए जा चुके हैं। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि टीएसपी ने देशभर में 5जी सेवाओं का विस्तार किया है और स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए आवेदन आमंत्रण सूचना (एनआईए) में अनुशंसित न्यूनतम रोलआउट दायित्वों से आगे बढ़ गए हैं। इन दायित्वों से आगे मोबाइल सेवाओं का विस्तार, टीएसपी के तकनीकी-व्यावसायिक विचारों पर निर्भर करता है।

सरकार की पहल

  • 5जी मोबाइल सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी।
  • समायोजित सकल राजस्व (एजीआर), बैंक गारंटी (बीजी) और ब्याज दरों को रिजनेबल बनाने के लिए वित्तीय सुधार।
  • 2022 और उसके बाद की नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क हटाना।
  • एसएसीएफए (रेडियो फ्रीक्वेंसी आवंटन पर स्थायी सलाहकार समिति) की मंज़ूरी की प्रक्रिया का सरलीकरण।
  • आरओडब्ल्यू अनुमतियों को विवेकपूर्ण बनाने तथा दूरसंचार अवसंरचना की स्थापना को मंज़ूरी देने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति संचार पोर्टल और आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) नियमों का शुभारंभ।
  • छोटे सेल और दूरसंचार लाइन की संस्थापना के लिए स्ट्रीट फर्नीचर के उपयोग की समयबद्ध अनुमति।
  • 5जी सेवाओं की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में सौ 5जी यूज केस लैब्स स्थापित की गई हैं। 5जी उपयोग के मामलों के विकास के -लिए एरिक्सन और क्वालकॉम जैसी अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के साथ क्षमता निर्माण और कौशल विकास हेतु सहयोग किया गया है।

गांवों में और तेज होगा नेटवर्क
देश में ग्राम पंचायतों (जीपी) को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने करने के लिए भारतनेट परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। जून 2025 तक परियोजना के तहत 2,14,325 जीपी को सेवा के लिए तैयार किया गया है। 2023 में सरकार ने भारतनेट चरण-I और चरण-II के मौजूदा नेटवर्क के उन्नयन के लिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) को मंजूरी दे दी थी।

शेष 42,000 जीपी (लगभग) में नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। निर्माण चरण की पूर्णता के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को समझौते पर हस्ताक्षर करने के तीन वर्षों की समय-सीमा के साथ एबीपी के लिए परियोजना प्रबंधन एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। उसके बाद प्रचालन और रखरखाव आरंभ होगा।

देश के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट/डेटा और मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए, बीएसएनएल और देश के अन्य निजी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) के साथ साझेदारी में विभिन्न लक्षित योजनाएं/परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। 4जी परिपूर्णता और अन्य मोबाइल परियोजनाओं के अंतर्गत, जून 2025 तक देश में 21,748 मोबाइल टावर आरंभ किए जा चुके हैं।
अंडमान एवं निकोबार तथा लक्षद्वीप द्वीपसमूह को उच्च गति इंटरनेट/डेटा कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए, चेन्नई और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह (2,312 किमी) के बीच तथा मुख्यभूमि (कोच्चि) तथा लक्षद्वीप द्वीपसमूह (1,869 किमी) के बीच सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) परियोजनाएं बीएसएनएल के माध्यम से क्रमशः दस अगस्त 2020 और तीन जनवरी 2024 को चालू की गई हैं।

Navneet Sharan

navneetsharan@gmail.com https://newgindia.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.