पटना: 17वीं विधान सभा के साथ मानसून सत्र का भी आखिरी दिन हंगामेदार रहा। पांच दिनों के सत्र में पहले चार दिन तक सत्ता पक्ष और विपक्ष में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कानून व्यवस्था पर नोकझोंक होती रही। वही, अंतिम दिन शेरो-शायरी, पहनावा, गुंडई और छेड़खानी सरीखे शब्दों पर दोनों पक्षों में तकरार हुई।
दिलचस्प यह कि मानसून सत्र के साथ बिहार की 17वीं विधान सभा का भी शुक्रवार आखिरी दिन था। अगर कोई आपात स्थिति नहीं आती तो बिहार के लोग अब अपनी नई सरकार चुनेगा। आने वाले दिनों में चुनाव की तारीखों के एलान होने की उम्मीद है।
सत्र के अंतिम दिन विपक्षी विधायक काले कपड़े पहनकर सदन में पहुंचे थे। वहीं, बीजेपी और जेडीयू विधायक हेलमेट लगाए हुए थे। सत्ता पक्ष का कहना था कि आरजेडी और कांग्रेस के व्यवहार से डर लग रहा है। इसलिए हेलमेट में आना पड़ा है। जबकि विपक्ष SIR पर विराेध दर्ज करा रहा था।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी सदस्यों के काले कपड़े पहनकर आने पर तंज कसा। उन्होंने विधान परिषद में राबड़ी देवी को भी आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के सदस्यों के पहनावे पर कटाक्ष करते हुए कहा, जब ये लोग हंगामा करते हैं तो जरा देख लीजिए, इनके कपड़े कैसे हैं। सब एक जैसे कपड़े पहनकर आए हैं। अलग-अलग पार्टियों के होते हुए भी अब यह एक रंग में रंग गए हैं। पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया था। आज सबका कपड़वा एक जैसा है। अब क्लियर हो गया कि सबका मकसद एक ही है-सरकार को बदनाम करना।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बिहार में बेहतरीन काम किया है। लेकिन विपक्ष का काम सिर्फ उल्टा-पुल्टा बयानबाजी करना है। नीतीश ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पलटवार करते हुए कहा, हाय-हाय क्या कर रहे हो, तुम लोग तो खाय-खाय हो। नीतीश कुमार यहीं नहीं रुके। उन्होंने विपक्ष की एकजुटता पर भी सवाल उठाए और उनके पहनावे पर भी निशाना साधा।
इस पर विपक्षी सदस्यों ने भी तीखी नोकझोंक की। विस अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन शोर-शराबा होता रहा। बाद में अध्यक्ष सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। लंच के बाद भी सदन में विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने सदन की कार्यवाही सात मिनट के बाद स्थगित कर दी।
पूर्व मुख्यमंत्री मौजूदा उपमुख्यमंत्री पर हमलावर
उधर, विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हमलावर दिखीं। उनका आरोप था, ‘वो (सम्राट चौधरी) बचपन से बोरिंग रोड इलाके में गुंडई करता था। चौराहे पर लड़कियों को छेड़ते था। वह कैसे दूसरे को गुंडा बोल सकते हैं?’ मालूम हो कि बृहस्पतिवार सम्राट चौधरी ने सदन में तेजस्वी से कहा था, जिसका बाप अपराधी, वो क्या बोलेगा? इसी पर पलटवार करते हुए राबडी देवी ने सम्राट चौधरी पर संगीन आरोप लगाए।
तेजस्वी यादव को जान का खतरा
राबड़ी देवी ने कहा कि उनके पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर चार बार जानलेवा हमला हुआ है। इसके चलते उनकी सुरक्षा और बढ़ाई जाए। विधान परिषद के बाहर राबड़ी देवी ने भाजपा-जदयू पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा-जदयू से तेजस्वी को जान का खतरा है। तेजस्वी को जान से मारने की कोशिश की जा रही है।
राबड़ी देवी माता तुल्य, पीड़ा होना स्वाभाविक
राबड़ी देवी की टिप्पणी पर सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा राबड़ी देवी माता समान हैं। स्वाभाविक रूप से उन्हें इस बात का दुख है कि उनके पति लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने अपराधी घोषित कर दिया है। उनका बेटा चुनाव हारने के डर से तरह-तरह के बहाने बना रहा है, तो स्वाभाविक है, उन्हें पीड़ा होगी।
सीएम नीतीश का वीडियो एक्स पर साझा किया
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष पर जमकर बरसे। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सदन में विपक्ष के सदस्यों द्वारा काले कपड़े पहनकर आने पर सदन में जो बात कही थी उसका वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया। सााथ ही कहा, पहले कोई कपड़ा पहनता था? सदन में कोई कपड़वा पहिन के आता था जी। ईश्वर से प्रार्थना है कि आदरणीय मुख्यमंत्री पूर्व की भांति सचेत और स्वस्थ अवस्था में रहे।
शायरी के साथ सत्र का समापन

बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने सदन में अंतिम भाषण में उन्होंने अपनी बातों को खत्म करते हुए भावुक अंदाज में कहा, ‘खूबियां तो इतनी नहीं हममें कि तुम्हें कभी याद आएंगे, पर इतना तो ऐतबार खुद पर है आप हमें कभी भूल नहीं पाएंगे।’ इसके पहले सदस्यों को सुझाव देते हुए एक अन्य शेर के माध्यम से कहा, ‘नाराजगी कभी भी इतनी लंबी नहीं होनी चाहिए कि नाराजगी रह जाए और इंसान गुजर जाए।’ इसके बाद सदन की बैठक को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।



