भागलपुर: सात फेरों की कसमे शुरू होने से ठीक पहले, जब मंडप में मंत्रोच्चारण, शहनाइयों की गूंज और रिश्तों की मिठास हवा में घुल रही थी, तभी अचानक पुलिस की दस्तक ने सबको चौंका दिया। वर-वधू, जो पल भर पहले जिंदगी की नई शुरुआत के सपने संजो रहे थे, खुद को थाने की चौखट पर पाया। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। आखिर क्या था इस अनोखे ड्रामे के पीछे का राज। चलिए, इस रोचक कहानी को और करीब से जानते हैं।
जानकारी के अनुसार, भागलपुर के नाथ नगर स्थित प्रसिद्ध मनसकामना नाथ मंदिर में प्रेमी जोड़े अपने परिवार के संग शादी के मंडप में सज-धजकर पहुंचे थे। दोस्त और रिश्तेदार भी वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे। मंत्रोच्चारण के साथ मांग में सिंदूर भरने की रस्म चल रही थी। तभी मंडप में पुलिस दस्तक देती है और दूल्हा-दुल्हन को उठाकर थाने ले आती है।
मंदिर में पुलिस के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच जाती है। किसी को कुछ समझ में नहीं आता है कि मामला क्या है और पुलिस वर व वधू को लेकर थाने क्यों गई है? इस दौरान दोनों पक्षों ने मंदिर में काफी हंगामा किया फिर थाने पहुंच कर मामले को समझा तो पता चला कि किसी अनजान लड़के ने (डॉयल 112 नंबर पर) पुलिस को फोन कर बताया था की लड़की नाबालिग है और जबरदस्ती उनकी शादी कराई जा रही है।
दरअसल, यह घटना गुरुवार देर रात नाथनगर थाना क्षेत्र के बाबा मनसकामना नाथ मंदिर में हुई है। तिलका मांझी थाना क्षेत्र के सच्चिदानंद नगर निवासी प्रदीप मंडल की 23 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी कुमारी और मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के नूरपुर नया टोला निवासी मुकेश कुमार के 25 वर्षीय पुत्र कौशल कुमार का दोनों परिवारों की सहमति से मंदिर में विवाह संपन्न हो रहा था। तभी डायल 112 पुलिस को किसी शरारती तत्व ने गलत सूचना दे दी थी। जिसके बाद में सारा ड्रामा हुआ। दोनों परिवारों की सहमति से हो रही शादी रुकने से परिजनों ने थाने में हंगामा किया है तो पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है।
दूल्हे के पिता मुकेश मंडल ने बताया कि उनके बेटे कौशल और लक्ष्मी के बीच प्रेम-प्रसंग था। दोनों दो दिन पहले घर से भाग गए थे। परिजनों ने उन्हें ढूंढ निकाला और लड़की के परिवार की सहमति से मंदिर में शादी कराई जा रही थी। सभी पुलिस पहुंचकर मेरे बेटे और लडक़ी को पकड़ कर थाने ले गई थी। यह यह शादी दोनों पक्षों की सहमती हो रही थी। पुलिस की इस हरकत से समाज में हमारी छवि खराब हुई है।
दुल्हन ने भी महिला पुलिस द्वारा बदसलूकी करने और पूरे परिवार के बीच बेइज्जती करने की बात कही। पीडि़ता ने बताया कि पुलिस का यही काम है जो हमारी शादी को रोकेगी। हम दोनों बालिग है इसके बावजूद ऐसी कार्रवाई पुलिस को करने में शर्म नहीं आई। नाथ नगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह ने कहा कि डायल 112 पर पुलिस को दी गई जानकारी पर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि जांच में सूचना झूठी साबित हुई। इसके बाद जोड़े को मंदिर भेजकर शादी की रश्म को पूरा कराया गया। गलत सूचना देने वाले लडक़े की तलाश की जा रही है।



