नई दिल्ली: वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (WWE) के आइकन हल्क होगन का गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 71 साल की उम्र में फ्लोरिडा के क्लियरवॉटर में उन्होंने अंतिम सांस ली। WWE ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस दुखद खबर की पुष्टि की। इस खबर ने उनके लाखों प्रशंसकों को गमगीन कर दिया, जो उन्हें ‘हल्कमेनिया’ के प्रतीक के रूप में देखते थे।
हल्क होगन का शुरुआती जीवन
11 अगस्त 1953 को जॉर्जिया के ऑगस्टा में जन्मे टेरी जीन बोलिया, जिन्हें दुनिया हल्क होगन के नाम से जानती है, ने रेसलिंग की दुनिया में क्रांति ला दी। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में WWE (तब WWF) को ग्लोबल मंच पर पहचान दिलाई। उनकी लाल-पीली ड्रेस, सुनहरे बाल और हैंडलबार मूंछों ने सभी फैंस को दीवाना बना दिया था। उनका नारा ‘हल्कमेनिया’ हर रेसलिंग प्रेमी की जुबान पर चढ़ गया।
WWE को नई ऊंचाइयां दी
हल्क होगन ने अपने करियर में छह बार WWE वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीती। रेसलमेनिया जैसे बड़े आयोजनों में उन्होंने एंड्रे द जायंट, रैंडी सैवेज और द रॉक जैसे दिग्गजों के साथ यादगार मुकाबले लड़े। ये मुकाबले आज भी रेसलिंग इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हैं। रेसलिंग के अलावा, होगन ने फिल्मों और टीवी शोज में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें WWE हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।
अंतिम क्षण और अफवाहों का खंडन
गुरुवार सुबह फ्लोरिडा में उनके घर पर डॉक्टरों और पुलिस की मौजूदगी देखी गई। स्ट्रेचर पर उन्हें एम्बुलेंस में ले जाया गया, लेकिन वह जिंदगी की इस जंग को जीत न सके। कुछ हफ्ते पहले उनकी पत्नी स्काई ने उन अफवाहों का खंडन किया था, जिसमें कहा गया था कि होगन की हालत नाजुक है। स्काई ने बताया था कि वह सर्जरी से उबर रहे हैं और उनका दिल मजबूत है। लेकिन नियति ने उन्हें हमसे छीन लिया।
अमर रहेगी हल्कमेनिया की विरासत
हल्क होगन के निधन की खबर से पूरे रेसलिंग जगत के बीच गहरे सदमे का सन्नाटा पसरा हुआ है। रेसलिंग इंडस्ट्री के साथ उनके फैंस उनके जाने के बाद अब उनके जोश, जुनून और हल्कमेनिया ने की पहचान से उनको याद करेंगे। भले ही रिंग अब उनकी मौजूदगी के बिना सूनी हो, लेकिन हल्क होगन की विरासत हमेशा प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेगी।



