नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के इंटरव्यू तक पहुंचे के बाद भी हजारों एस्पिरेंट चूक जाते हैं और उनके सामने आर्थिक कमजोरी या बढ़ती उम्र दीवार बनकर खड़ी हो जाती है। ऐसे मोड़ पर यूपीएससी एस्पिरेंट को तुरंत बेहतर नौकरी मिलने में परेशानियां आती हैं लेकिन अब नहीं आएंगी। जी हां, यूपीएससी की तैयारी करने वालों को अब हर हाल में नौकरी मिलेगी! दरअसल, यूपीएससी ने प्रतिभा सेतु नाम की पहल शुरू की है। यह यूपीएससी से चूके उम्मीदवारों के लिए वैकल्पिक नौकरी मुहैया कराएगी।
नौकरी के खुले द्वार
प्रतिभा सेतु ने निजी क्षेत्र में नौकरी के द्वार खोल दिए हैं। निजी क्षेत्र के कई संगठनों ने उन उम्मीदवारों तक पहुंचने के लिए प्रयास शुरू भी कर दिय जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा दी थी, लेकिन चयनित नहीं हुए थे। ऐसे लोगों तक पहुंचने के लिए निजी क्षेत्र के कई संगठनों ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से संपर्क किया है। मंगलवार को यह जानकारी दी गई।
113 कंपनियां जुड़ीं
संघ लोक सेवा आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि इस पहल को सभी से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। कई निजी संगठनों ने आयोग से संपर्क करना शुरू कर दिया है ताकि उन अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त की जा सके जो लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के चरणों में सफल रहे लेकिन चयनित नहीं हुए। अब तक 113 संगठन जुड़ चुके हैं और कई अन्य संगठन इस पोर्टल में अच्छी तरह से मूल्यांकित मानव संसाधनों के एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में रुचि दिखा रहे हैं।
क्या है प्रतिभा सेतु पहल
डॉ. अजय ने बताया कि 2018 में शुरू की गई सार्वजनिक प्रकटीकरण योजना से विकसित हुई प्रतिभा (व्यावसायिक संसाधन और प्रतिभा एकीकरण) सेतु भर्ती के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक सेतु है जो सत्यापित संगठनों को पंजीकरण करने और यूपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं जैसे सिविल सेवा, भारतीय वन सेवा, इंजीनियरिंग सेवा, संयुक्त चिकित्सा सेवा आदि में चयनित नहीं हो पाने वाले उम्मीदवारों के डेटा तक पहुंच की सुविधा प्रदान करता है।
क्या है खासियत
प्रतिभा सेतु की खासियत यह है कि यह एक निष्क्रिय प्रकटीकरण मॉडल को एक इंटरैक्टिव भर्ती सेतु में बदल देता है। हालांकि पहले यूपीएससी अपनी वेबसाइट पर उम्मीदवारों का डेटा प्रकाशित करता था लेकिन अब यह नया प्लेटफ़ॉर्म भर्तीकर्ताओं को लॉग इन करके शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से सीधे संपर्क करने की सुविधा देता है। इस कार्यक्रम में एनडीए, एनए और चुनिंदा विभागीय प्रतियोगिताएं शामिल नहीं हैं, लेकिन कठोर मूल्यांकन प्रक्रियाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की एक विस्तृत शृंखला को शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने की सराहना
प्रतिभा सेतु’की केंद्रीय डॉ. जितेंद्र सिंह ने सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल उन सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए सार्थक मंच के रूप में उभर रही है, जो सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम चरण सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने और साक्षात्कार में शामिल होने के बावजूद बहुत कम अंतर से अंतिम चयन से वंचित रह जाते हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे प्रतिभा उपयोग के लिए एक “अग्रगामी सोच वाला दृष्टिकोण” बताया। इससे पहले उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार के साथ बैठक की।



