नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे एसआईआर अब तक करीब 35 लाख मतदाता ‘फर्जी’ हैं। इनकी संख्या और बढ़ सकती है। चुनाव आयोग राज्य में वोटरों से गणना प्रपत्र (ईएफ) जमा करा रहा है, ताकि सत्यापित हो सके कि मतदाता बिहार के निवासी और जिंदा हैं। इससे फर्जी वोटिंग पर लगाम लगाई जा सकेगी। इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ घर-घर जाकर लोगों से गणना पत्र ले रहे हैं।
4.52 फीसदी वोटर नहीं हैं
राज्य में 7.89 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। इनमें से 6.60 करोड़ यानी 83.66 प्रतिशत ईएफ जमा हुए। अब तक 1.59 प्रतिशत मतदाता मृत पाए गए। 2.2 प्रतिशत स्थायी रूप से दूसरे राज्य में बस गए हैं। 0.73 प्रतिशत व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाए गए हैं। ये आंकड़े दो चरणों में आए हैं। अब केवल 11.82 प्रतिशत मतदाता अपने भरे हुए ईएफ जमा करने के लिए शेष बचे हैं और उनमें से कई ने आने वाले दिनों में दस्तावेजों के साथ अपने गणना प्रपत्र जमा करने के लिए समय मांगा है।
तीसरे चरण में साफ होगी तस्वीर
किसी मतदाता का नाम छूट न जाए इसके लिए चुनाव आयोग बाकी वोटरों का गणना फॉर्म भरवाने के लिए तीसरा चरण शुरू करेगा। 1 लाख बीएलओ जल्द ही घर-घर जाकर तीसरा चरण शुरू करेंगे। सभी राजनीतिक दलों के1.5 लाख बीएलए भी इसमें सहयोग दे रहे हैं। 261 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के सभी 5,683 वार्डों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
दूसरे राज्य में रह रहे वोटरों से संपर्क साध रहा आयोग
जो मतदाता अस्थायी रूप से दूसरे राज्य में रह रहे हैं उनसे समाचार पत्रों में विज्ञापन और सीधे संपर्क के जरिये फॉर्म भरने की अपील की जा रही है। उनके नाम 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट ईआर में भी शामिल हों।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन
ऐसे मतदाता ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके या https://voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से आसानी से ईएफ ऑनलाइन (एसआईआर दिशानिर्देशों के पैरा 3(डी) के अनुसार) भर सकते हैं। वे अपने फॉर्म अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से या व्हाट्सएप या किसी भी ऑनलाइन के माध्यम से संबंधित बीएलओ को भी भेज सकते हैं।
ईसीआई नेट के माध्यम से, मतदाता अपने ईएफ ऑनलाइन भर सकते हैं और कहीं भी जरूरत होने पर 2003 ईआर में अपना नाम खोज सकते हैं। मतदाता ईसीआईनेट ऐप का उपयोग करके अपने बीएलओ सहित अपने चुनाव अधिकारियों के साथ भी जुड़ सकते हैं।



