नई दिल्ली: बिटकॉइन की कीमत हाल ही में आसमान छू रही है, जो 1,18,000 डॉलर तक पहुंच चुकी है। इस साल इसकी कीमत में 55% से अधिक की उछाल आई है। बिटकॉइन के निर्माता सतोशी नाकामोतो को माना जाता है, जिनके बारे में कहा जाता है कि उनके पास 10 लाख से ज्यादा बिटकॉइन हैं। वर्तमान कीमत के हिसाब से उनकी संपत्ति 129 अरब डॉलर की है, जो उन्हें दुनिया का 12वां सबसे अमीर व्यक्ति बनाती है। उनकी नेटवर्थ भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों मुकेश अंबानी (109 अरब डॉलर) और गौतम अडानी (84.2 अरब डॉलर) से भी ज्यादा है। हालांकि, सतोशी नाकामोतो की असल पहचान आज तक एक रहस्य बनी हुई है, और कोई नहीं जानता कि वह कौन हैं या उनका चेहरा कैसा है।
सतोशी से आगे कौन?
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार नाकामोतो की संपत्ति एलन मस्क (360 अरब डॉलर), मार्क जकरबर्ग (253 अरब डॉलर), जेफ बेजोस (245 अरब डॉलर), लैरी एलिसन (247 अरब डॉलर), स्टीव बालमर (173 अरब डॉलर), लैरी पेज (163 अरब डॉलर), बर्नार्ड अरनॉल्ट (160 अरब डॉलर), सर्गेई ब्रिन (153 अरब डॉलर), जेंसन हुआंग (144 अरब डॉलर), वॉरेन बफे (143 अरब डॉलर) और माइकल डेल (137 अरब डॉलर) से कम है। लेकिन उनकी संपत्ति बिल गेट्स (123 अरब डॉलर) से अधिक है।
बिटकॉइन की शुरुआत
सतोशी नाकामोतो ने अक्तूबर 2008 में बिटकॉइन का वाइटपेपर जारी किया, जिसे पब्लिक एमआईटी लाइसेंस के तहत प्रकाशित किया गया था। 3 जनवरी 2009 को बिटकॉइन का पहला ब्लॉक बनाया गया, जिसे “जेनिसिस ब्लॉक” कहा जाता है। यहीं से बिटकॉइन नेटवर्क और ब्लॉकचेन तकनीक की शुरुआत हुई। 2010 में क्रिप्टोकरेंसी विशेषज्ञ सर्जियो डेमियन लर्नर ने एक शोध पत्र प्रकाशित किया, जिसमें अनुमान लगाया गया कि नाकामोतो के पास लगभग 10 लाख बिटकॉइन हो सकते हैं।
बिटकॉइन क्या है?
बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा है, जिसे क्रिप्टोकरेंसी कहा जाता है। “क्रिप्टो” शब्द का अर्थ है गुप्त, और यह क्रिप्टोग्राफी तकनीक पर आधारित है। इसे न तो छुआ जा सकता है और न ही देखा जा सकता है, क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल रूप में मौजूद है। हाल के दिनों में बिटकॉइन को वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई देशों के नेता इसका समर्थन कर रहे हैं। इसकी कीमत में लगातार बढ़ोतरी ने इसे निवेशकों के बीच और भी आकर्षक बना दिया है।
नाकामोतो का रहस्य
सतोशी नाकामोतो की पहचान आज भी अनसुलझी है। कुछ लोग मानते हैं कि यह एक व्यक्ति का नाम है, जबकि अन्य का मानना है कि यह किसी समूह का छद्म नाम हो सकता है। उनकी संपत्ति और बिटकॉइन की सफलता ने उन्हें दुनिया के सबसे धनी लोगों में शामिल कर दिया है, लेकिन उनकी गुमनामी उन्हें और भी रहस्यमयी बनाती है।



