नई दिल्ली: लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lords ) मैदान पर खेले गए रोमांचक टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारत को इंग्लैंड के हाथों 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे हो गया है और अब उसकी निगाहें 23 जुलाई से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट पर टिकी हैं।
सोमवार को भी मैदान में दिखा क्रिकेट का जुनून
हफ्ते के पहले कामकाजी दिन होने के बावजूद सेंट जॉन्स वुड से लॉर्ड्स तक के रास्ते में भारतीय फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी थी। पांचवें दिन के लिए जनरल टिकटों की कीमत आमतौर पर 25 पाउंड होती है, लेकिन इस बार टिकट 80 पाउंड में बेचे गए और एक घंटे में ही सारे टिकट बिक गए थे। स्टेडियम खचाखच भरा था, लेकिन भारतीय दर्शकों को निराशा हाथ लगी।
जडेजा की जुझारू पारी, लेकिन अंत में निराशा
रवींद्र जडेजा ने 61 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए भारत की उम्मीदों को आखिरी सत्र तक जिंदा रखा। जब भारत को जीत के लिए केवल 23 रन चाहिए थे, तब मोहम्मद सिराज दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से बोल्ड हो गए और यहीं से भारतीय उम्मीदों का अंत हो गया। जडेजा 266 मिनट तक डटे रहे और 181 गेंदों का सामना किया, लेकिन उनका प्रयास टीम को जीत नहीं दिला सका।
जडेजा का साथ देने उतरे निचले क्रम के बल्लेबाज
निचले क्रम में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने भी संघर्षपूर्ण पारी खेली। बुमराह ने 54 गेंदों में पांच रन बनाए, जो उनके टेस्ट करियर में सबसे लंबी पारियों में से एक थी। सिराज ने भी 30 गेंदें खेलीं और चार रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने जडेजा के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं, जिससे भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया गया।
बेन स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड की शानदार वापसी
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इस मैच में हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए टीम को जीत दिलाई। उन्होंने मैच में कुल पांच विकेट चटकाए और दोनों पारियों में उपयोगी रन भी जोड़े। गेंदबाजी में स्टोक्स ने लंबे स्पेल फेंकते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। जोफ्रा आर्चर की वापसी भी इंग्लैंड के लिए कारगर रही, जिन्होंने सुंदर और बुमराह को अहम मौकों पर आउट किया।
पहली पारी में ही दबाव में आ गई थी भारतीय टीम
पांचवें दिन की शुरुआत में ही भारत ने ऋषभ पंत, केएल राहुल और वॉशिंगटन सुंदर के विकेट जल्दी गंवा दिए। पंत चोट के बावजूद उतरे, लेकिन दो चौके लगाने के बाद जल्दी आउट हो गए। राहुल को स्टोक्स ने एलबीडब्ल्यू कर दिया, जबकि सुंदर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।
दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव
मैच के आखिरी घंटे तक मैदान में मौजूद भारतीय दर्शक हर डॉट गेंद, हर रन और हर बचाव पर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहे। टी20 के दौर में भी दर्शकों का यह धैर्य और टेस्ट क्रिकेट के प्रति लगाव यह साबित करता है कि असली क्रिकेट का रोमांच अब भी जीवित है। भारत भले ही यह मैच हार गया हो, लेकिन रवींद्र जडेजा और भारतीय निचले क्रम के संघर्ष ने क्रिकेट प्रेमियों के दिल जीत लिए। अब देखना होगा कि भारतीय टीम मैनचेस्टर टेस्ट में वापसी कर पाती है या नहीं।



