नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने गोल्डन वीजा (UAE new Golden Visa) कार्यक्रम में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है, जिसमें अब निवेश के बजाय नामांकन-आधारित प्रणाली शुरू की गई है। इस नई नीति के तहत भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक केवल 1,00,000 दिरहम (लगभग 23.3 लाख रुपये) की एकमुश्त राशि देकर आजीवन निवास का गोल्डन वीजा प्राप्त कर सकते हैं। पहले इस वीजा के लिए 20 लाख दिरहम (लगभग 4.66 करोड़ रुपये) की संपत्ति में निवेश अनिवार्य था।
पायलट प्रोजेक्ट में भारत और बांग्लादेश शामिल
यूएई ने इस योजना के शुरुआती चरण के लिए भारत और बांग्लादेश को चुना है। इस पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने का जिम्मा यूएई-आधारित रायद ग्रुप को सौंपा गया है। रायद ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर रायद कमाल अयूब ने इसे भारतीयों के लिए एक अनूठा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आवेदकों की पृष्ठभूमि की गहन जांच की जाएगी, जिसमें धन शोधन निरोधक (एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग), आपराधिक रिकॉर्ड, और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच शामिल होगी।
यह जांच यह सुनिश्चित करेगी कि आवेदक यूएई की अर्थव्यवस्था, संस्कृति, व्यापार, विज्ञान, स्टार्टअप, या अन्य पेशेवर क्षेत्रों में योगदान दे सकता है। इस प्रक्रिया में आवेदक बिना यूएई जाए अपने देश से ही प्री-अप्रूवल प्राप्त कर सकते हैं। अनुमान है कि पहले तीन महीनों में 5,000 से अधिक भारतीय इस वीजा के लिए आवेदन करेंगे।
नई गोल्डन वीजा नीति की खास बातें
- नामांकन आधारित प्रणाली: अब वीजा प्राप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर संपत्ति या व्यवसाय में निवेश की जरूरत नहीं है।
- शुल्क: केवल 1,00,000 दिरहम (लगभग 23.3 लाख रुपये) की एकमुश्त राशि।
- पहले की शर्त: पुरानी नीति में 20 लाख दिरहम (4.66 करोड़ रुपये) का निवेश अनिवार्य था।
- लाभ: वीजा धारक अपने परिवार और घरेलू कर्मचारियों को प्रायोजित कर सकते हैं, साथ ही व्यापार या पेशेवर गतिविधियों में स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं।
- आजीवन वैधता: यह वीजा संपत्ति बिक्री या अन्य परिस्थितियों से प्रभावित नहीं होगा, जो इसे पहले के निवेश-आधारित वीजा से अधिक स्थिर बनाता है।
सोशल मीडिया पर उत्साह और मजेदार प्रतिक्रियाएं
यूएई के इस कदम ने भारतीय सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। X पर कई यूजर्स ने इसे लेकर मजेदार मीम्स और कमेंट्स साझा किए हैं। एक यूजर ने लिखा, “23 लाख में यूएई का गोल्डन वीजा? मैं तो अभी बैंक जा रहा हूं!” एक अन्य ने मजाक में कहा, “यह उन भारतीयों के लिए IQ टेस्ट है जो विदेश में बसने का सपना देखते हैं!” इन प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि यह योजना भारतीय युवाओं और पेशेवरों में कितनी लोकप्रिय हो रही है।
भारतीयों के लिए आकर्षण
दुबई और अन्य अमीराती शहर भारतीयों के लिए लंबे समय से रोजगार, व्यापार और बेहतर जीवनशैली के लिए आकर्षक रहे हैं। यह नया गोल्डन वीजा उन लोगों के लिए विशेष रूप से आकर्षक है जो भारत में नौकरी या अन्य कारणों से असंतुष्ट हैं और विदेश में स्थायी निवास की तलाश में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसे चीन जैसे अन्य देशों तक विस्तारित किया जा सकता है।
पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
यूएई ने इस नामांकन-आधारित गोल्डन वीजा की शुरुआत भारत और बांग्लादेश के लिए पायलट आधार पर की है। इस प्रक्रिया में रायद ग्रुप और वीएफएस ग्लोबल जैसे अधिकृत संगठन आवेदनों की जांच करेंगे और उन्हें यूएई अधिकारियों को भेजेंगे। रायद कमाल ने बताया कि आवेदन वीजा कॉन्सियर्ज सर्विस (VASCO) केंद्रों, पंजीकृत कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, या समर्पित कॉल सेंटर के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
यह नया गोल्डन वीजा कार्यक्रम भारतीय पेशेवरों और प्रतिभाशाली व्यक्तियों के लिए यूएई में दीर्घकालिक अवसर प्रदान करता है। यह न केवल निवास की सुविधा देता है, बल्कि परिवार और कर्मचारियों को प्रायोजित करने की स्वतंत्रता भी प्रदान करता है। हालांकि, सख्त पृष्ठभूमि जांच यह सुनिश्चित करती है कि केवल योग्य और योगदान देने वाले उम्मीदवारों को ही यह वीजा मिले।



