नई दिल्ली: इरफान खान (Irrfaan khan) के निधन को पांच साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन उनकी अदाकारी का जादू आज भी लोगों के दिलों में बरकरार है। ‘हैदर’, ‘मकबूल’, ‘पान सिंह तोमर’, ‘तलवार’ और ‘अंग्रेजी मीडियम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों पर ऐसी छाप छोड़ी, जो कभी नहीं मिट सकती।
इरफान की खासियत थी कि चाहे उनका किरदार दो घंटे का हो या दो मिनट का, वह हर सीन में अपनी मौजूदगी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते थे। आज हम आपको उनकी फिल्म ‘हैदर’ की शूटिंग के दौरान घटी एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने पूरी यूनिट को डरा दिया था, लेकिन इरफान की हिम्मत और हाजिरजवाबी ने सभी का दिल जीत लिया।
कश्मीर में हुआ था हादसा
‘हैदर’ की शूटिंग साल 2014 में श्रीनगर की वास्तविक लोकेशन्स पर हो रही थी। इस फिल्म में इरफान खान ने ‘रूहदार’ का किरदार निभाया था, जो छोटा लेकिन बेहद प्रभावशाली था। शूटिंग के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जिसने सभी को हैरान कर दिया। विशाल भारद्वाज, जो इस फिल्म के निर्देशक थे, ने बाद में एक इंटरव्यू में इस वाकये का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में शूटिंग के समय आसपास काफी भीड़ जमा हो गई थी। लोग नारे लगा रहे थे, और माहौल तनावपूर्ण था।
इसी बीच, एक युवक अचानक दौड़ता हुआ इरफान खान की कार की ओर आया। उसने क्रिकेट गेंदबाज की तरह तेजी से एक पत्थर फेंका, जो सीधे कार के शीशे पर जाकर लगा। शीशा चकनाचूर हो गया। इस अप्रत्याशित घटना से सेट पर मौजूद सिक्योरिटी कर्मचारी इतने घबरा गए कि एक ने तो बंदूक तान दी और गोली चलाने ही वाला था। लेकिन इरफान ने तुरंत हस्तक्षेप किया और सिक्योरिटी को शांत रहने के लिए कहा।
इरफान की हिम्मत और हंसी-मजाक ने जीता दिल
जहां इस घटना से पूरी यूनिट डर के मारे सहम गई थी, वहीं इरफान खान पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने न सिर्फ स्थिति को संभाला, बल्कि अपने अनोखे अंदाज में माहौल को हल्का भी कर दिया। विशाल भारद्वाज ने बताया कि इरफान ने हाथ उठाकर भीड़ की ओर अभिवादन किया, जिससे लोग शांत हो गए और उनके नाम के नारे लगाने लगे। कुछ लोग तो उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित हो गए। इस पूरे वाकये पर इरफान ने हंसते हुए विशाल से कहा, विशाल जी, क्या शानदार थ्रो था! जोंटी रोड्स भी शरमा जाए। उनकी इस हाजिरजवाबी ने सभी को हंसा दिया। विशाल ने यह भी बताया कि शीशा टूटने के बाद यूनिट ने इरफान के लिए दूसरी कार मंगवाने की व्यवस्था की, लेकिन इरफान ने उसी टूटी कार और उसी ड्राइवर के साथ जाने का फैसला किया। उनका कहना था कि उन्हें उस ड्राइवर से खास लगाव था।
इरफान और विशाल का गहरा रिश्ता
इरफान खान और विशाल भारद्वाज का रिश्ता केवल प्रोफेशनल ही नहीं, बल्कि गहरा व्यक्तिगत भी था। ‘मकबूल’, ‘हैदर’ और ‘7 खून माफ’ जैसी फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया था। जब इरफान का निधन हुआ, तो विशाल ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा था कि इरफान की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। ‘हैदर’ में इरफान का ‘रूहदार’ किरदार भले ही छोटा था, लेकिन उनकी दमदार मौजूदगी ने इसे यादगार बना दिया। यह वाकया इरफान खान की न सिर्फ उनकी बेमिसाल अदाकारी, बल्कि उनकी निडरता, हाजिरजवाबी और मानवीयता को भी दर्शाता है।



