नई दिल्ली। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस संवेदनशील मामले में उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने यूपी सरकार से इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। इसके साथ ही कोर्ट ने मंदिर परिसर और मामले से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज को पूरी तरह सुरक्षित रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।
सीलबंद लिफाफे में पेश होगी रिपोर्ट
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले से जुड़ी तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि मामले की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट में एसआईटी के गठन, उसकी संरचना और जांच में शामिल अधिकारियों के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई 2026 की तारीख तय की है।
सीबीआई जांच और एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग
सर्वोच्च अदालत में दायर की गई याचिकाओं में इस पूरे घोटाले की जांच CBI को सौंपने की मांग की गई है। इसके अलावा याचिकाओं में यह भी मांग की गई है कि राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक ‘एक्सपर्ट कमेटी’ का गठन किया जाए, जो आगे के प्रबंधन की समीक्षा कर सके।
आरोपियों की रिमांड अवधि खत्म
दूसरी तरफ अयोध्या पुलिस इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश करेगी, क्योंकि उनकी पुलिस रिमांड की अवधि आज खत्म हो रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग अदालत से कर सकती है।
इससे पहले पुलिस इस मामले के अन्य मुख्य आरोपियों अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर चुकी है। सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चढ़ावा चोरी के इन सभी आरोपियों को फैजाबाद जिला जेल की अलग-अलग बैरकों में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।



