कर्नाटक। कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को संपन्न हुई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत देशभर से 226 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम, जनगणना, नशा मुक्ति और सामाजिक अभियानों जैसे विषयों के साथ अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी में चढ़ावे की गिनती के दौरान सामने आई कथित अनियमितता भी प्रमुख चर्चा का विषय रही।
निष्पक्ष जांच की मांग
बैठक के बाद जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में RSS ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर की दानपेटी के चढ़ावे की गिनती में कथित अनियमितता की घटना अत्यंत गंभीर है। संघ के अनुसार यह केवल प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र जांच आवश्यक है।
संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित एसआईटी (SIT) और पुलिस की जांच जल्द ही निष्कर्ष तक पहुंचेगी तथा पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ट्रस्ट से पारदर्शिता बढ़ाने की अपेक्षा
RSS ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से दान और चढ़ावे की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा जवाबदेह बनाने की अपेक्षा जताई। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना नहीं होनी चाहिए, जिससे देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की राम मंदिर के प्रति आस्था प्रभावित हो।
संगठनात्मक कार्यों की भी हुई समीक्षा
राम मंदिर मुद्दे के अलावा बैठक में संघ के संगठनात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई। जानकारी के अनुसार मार्च 2026 के बाद देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शाखा संचालन, ग्राम विकास, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और सामाजिक सेवा जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।



