त्रिकोणीय मुकाबले में उलझी सियासत, बीजेपी के लिए बगावत बनी सबसे बड़ी चुनौती

नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बीजेपी में भारी नाराजगी देखने को मिली। चंबल अंचल के इतिहास में पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुलेआम विरोध किया।

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दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव इस बार त्रिकोणीय मुकाबले के कारण बेहद दिलचस्प हो गया है। बीजेपी के आशुतोष तिवारी, कांग्रेस के घनश्याम सिंह और आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव के बीच मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। मौजूदा हालात में किसी एक उम्मीदवार को स्पष्ट बढ़त देना आसान नहीं है।

टिकट बदलने से बीजेपी में बगावत

पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बीजेपी में भारी नाराजगी देखने को मिली। चंबल अंचल के इतिहास में पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुलेआम विरोध किया। ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पर करीब 12 घंटे तक चक्काजाम रहा और पथराव की घटना में एसपी सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी। बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगा दी गई। पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया, जबकि 27 बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

संगठन में नरोत्तम समर्थकों का दबदबा

बीजेपी की अंदरूनी नाराजगी की बड़ी वजह दतिया का सांगठनिक ढांचा माना जा रहा है। जिला और मंडल स्तर से लेकर बूथ समितियों तक बड़ी संख्या में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का प्रभाव है। ऐसे में सवाल यह है कि कार्यकर्ता चुनाव में पूरी निष्ठा के साथ सक्रिय होंगे या नहीं।

डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

पार्टी नेतृत्व अब नाराजगी दूर करने की कोशिश में लगा है। टिकट बदलने के फैसले को केंद्रीय नेतृत्व के सर्वे और आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर लिया गया बताया जा रहा है। राज्य में बीजेपी की सरकार होने के कारण संगठन और सत्ता दोनों आशुतोष तिवारी की जीत सुनिश्चित करने में पूरी ताकत लगाएंगे। नरोत्तम मिश्रा स्वयं आशुतोष का नामांकन दाखिल कराएंगे और चुनाव प्रचार की कमान भी संभालेंगे।

ASP को मिल सकता है फायदा

बहुजन समाज पार्टी ने दतिया उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश इकाई को 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

बसपा के चुनाव से बाहर रहने का फायदा आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव को मिल सकता है। माना जा रहा है कि दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग के वोटों का बड़ा हिस्सा उनके पक्ष में जा सकता है।

कांग्रेस के साथ सपा

उत्तर प्रदेश सीमा से लगे इस क्षेत्र में समाजवादी पार्टी ने इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस का समर्थन करने का फैसला किया है। सपा अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के पक्ष में प्रचार करेगी।

बीजेपी ने झोंकी पूरी ताकत

नाराजगी कम करने के लिए बीजेपी ने डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी को विशेष विमान से दतिया भेजा। प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को एकजुट करने की कोशिश की। वहीं चंबल संभाग प्रभारी अभय प्रताप सिंह यादव लगातार स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं।

सीएम हाउस में हुई अहम बैठक

भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर शनिवार रात महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें नरोत्तम मिश्रा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हुए।

बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि दतिया उपचुनाव नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में पूरी मजबूती से लड़ा जाएगा और बीजेपी जीत दर्ज करेगी।

Shivangi Shukla

Shivangi.shukla95512@gmail.com

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