नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर द्वारका निवेश हब के रूप में विकसित करने की दिशा में व्यापक रणनीति पर चर्चा की। बैठक का उद्देश्य राजधानी में निवेश बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और द्वारका को आधुनिक आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना था।

उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली को केवल प्रशासनिक राजधानी ही नहीं, बल्कि देश के सबसे आकर्षक निवेश केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने उद्योग जगत से सुझाव मांगे और भरोसा दिलाया कि सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Ease of Doing Business और विकसित भारत के विजन के अनुरूप दिल्ली में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति दी जाएगी।
बैठक में आईटी, आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), स्टार्टअप, अनुसंधान एवं विकास, पर्यटन, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी और नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। उद्योग प्रतिनिधियों ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने, बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे, होटल क्षमता बढ़ाने तथा निवेश संबंधी नीतियों को और अधिक उद्योग-अनुकूल बनाने के सुझाव दिए।

डीडीए के उपाध्यक्ष ने बताया कि हाल ही में लागू ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे पात्र परियोजनाओं को सिंगल-पॉइंट और समयबद्ध मंजूरी मिल सके। उन्होंने कहा कि डीडीए ने भविष्य के निवेश के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराई है और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर मंजूरी प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।
दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग ने भी नई औद्योगिक नीति, Ease of Doing Business सुधारों, डिजिटल अनुमोदन प्रणाली और अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय सहायता जैसे कदमों की जानकारी दी। वहीं पर्यटन विभाग ने बताया कि यशोभूमि और भारत मंडपम जैसे विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटरों के बेहतर उपयोग, होटल अवसंरचना के विस्तार और दिल्ली की इवनिंग इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

बैठक के अंत में उपराज्यपाल ने कहा कि द्वारका निवेश हब केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि योजनाबद्ध शहरी विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और निवेश-अनुकूल नीतियों के माध्यम से द्वारका आने वाले वर्षों में रोजगार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा तथा विकसित दिल्ली के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी को पत्र लिखकर दक्षिण दिल्ली स्थित मांडी रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने तथा इसके विकास का कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपने का आग्रह किया है।……...पढ़ें पूरी खबर !



