नई दिल्ली | कांग्रेस सांसद प्रियंका गाँधी वाड्रा ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को दुखद और शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है। देशभर के लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा और विश्वास के साथ चंदा दिया था, ऐसे में इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है।
केरल के वायनाड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर यह घटना कैसे हुई, इसके पीछे क्या कारण थे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राम मंदिर के लिए पूरे देश में व्यापक स्तर पर चंदा अभियान चलाया गया था। इस अभियान में समाज के हर वर्ग के लोगों ने योगदान दिया था। महिलाओं ने अपनी बचत से, गरीब परिवारों ने अपनी क्षमता के अनुसार और लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ दान दिया था। इसलिए यह केवल किसी संस्था या बड़े दानदाताओं का पैसा नहीं, बल्कि आम लोगों की आस्था का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने चंदा एकत्र करने और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी संभाली थी, उनसे जवाब मांगा जाना चाहिए। अगर किसी फंड को जनता के भरोसे पर इकट्ठा किया गया है, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी संबंधित लोगों की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि लोगों ने भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास के चलते योगदान दिया था। इसलिए अगर चढ़ावे या फंड को लेकर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो उसकी पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही लोगों का विश्वास बना रहेगा और यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए और यदि किसी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।



