नागपुर। जीएमआर एयरपोर्ट्स ने मध्य भारत के विमानन क्षेत्र में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए नागपुर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन आधिकारिक तौर पर अपने हाथ में ले लिया है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GNIAL), ने 25 जून से इसका कार्यभार संभाला।
केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में GNIAL और MIHAN इंडिया लिमिटेड के बीच हवाई अड्डे की संपत्तियों और संचालन के हस्तांतरण के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
30 साल में बदलेगी नागपुर एयरपोर्ट की सूरत
यह अधिग्रहण दोनों कंपनियों के बीच हुए रियायत (Concession) समझौते के तहत हुआ है। 30 वर्षों के इस समझौते के तहत GMR ग्रुप नागपुर एयरपोर्ट को मध्य भारत का एक प्रमुख एविएशन, लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण और विस्तार करेगा।
इस मेगा प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं
आधुनिक एकीकृत यात्री टर्मिनल- यात्रियों की सुविधा के लिए एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा।एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर- रनवे, टैक्सीवे और विमानों की पार्किंग क्षमता का विस्तार।उन्नत कार्गो सुविधाएं- लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए हाई-टेक कार्गो हैंडलिंग सिस्टम।स्मार्ट और ग्रीन एयरपोर्ट- संचालन में डिजिटल तकनीकों का उपयोग और सतत (Sustainable) विकास आधारित पहल।
मजबूत हुआ GMR का ग्लोबल पोर्टफोलियो
नागपुर एयरपोर्ट के जुड़ने के बाद GMR ग्रुप के पास अब भारत और विदेशों में कुल 7 चालू हवाई अड्डे हो गए हैं। इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है
सक्रिय संचालन (7 एयरपोर्ट्स): दिल्ली, हैदराबाद, गोवा (मोपा), नागपुर, बीदर और इंडोनेशिया का मेडान एयरपोर्ट।
तकनीकी सहायता: मैक्टान-सेबू एयरपोर्ट (फिलीपींस)।
आगामी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स: भोगापुरम (आंध्र प्रदेश) और क्रीट (ग्रीस)।
बता दें कि नागपुर एयरपोर्ट के इस कायाकल्प से न केवल मध्य भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन, विदेशी निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।



