नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया है कि श्रीलंका ए के खिलाड़ी के साथ हुई धक्का-मुक्की की घटना में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर किसी कार्रवाई का फैसला मैच रेफरी के अधिकार क्षेत्र में आता है और बोर्ड इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं खेल का हिस्सा होती हैं और इसके लिए पहले से तय व्यवस्था मौजूद है, जिसका पालन किया जाएगा।
दरअसल 15 जून को दांबुला में भारत ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय श्रृंखला का मुकाबला सुपर ओवर तक पहुंचा था, जिसमें श्रीलंका ए ने जीत दर्ज की थी। मैच समाप्त होने के बाद वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंकाई खिलाड़ियों से कहासुनी हो गई थी और इसी दौरान उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशेन हलामबागे को धक्का दे दिया था।
मैच रेफरी ने जुर्माने की सिफारिश की
घटना के बाद मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाशन ने वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलामबागे पर मैच फीस का 50-50 प्रतिशत जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। इसके अलावा भारतीय कप्तान तिलक वर्मा पर अंपायर से बहस करने के लिए 30 प्रतिशत और श्रीलंका के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर स्लेजिंग के आरोप में 20 प्रतिशत जुर्माना लगाने की अनुशंसा की गई है।
अभी तक नहीं हुई आधिकारिक घोषणा
चूंकि यह मुकाबला अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं था, इसलिए मैच रेफरी का फैसला स्वत: लागू नहीं होता। रेफरी केवल अनुशंसा कर सकता है, जबकि अंतिम फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्डों को लेना होता है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
रेफरी के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देगा बीसीसीआई
देवजीत सैकिया ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन बीसीसीआई किसी भी स्थिति में मैच रेफरी और अंपायर के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उनके मुताबिक मैदान पर हुई घटनाओं पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत अधिकारियों की व्यवस्था पहले से मौजूद है और वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।



