नई दिल्ली। राजधानी को आगामी मानसून के दौरान जलभराव (वॉटरलॉगिंग) की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कमर कस ली है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के सीधे निर्देशों पर डीडीए के अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्टॉर्म वाटर (बरसाती पानी) के नालों की गाद निकालने (डीसिल्टिंग) का काम ‘मिशन मोड’ में चलाया जा रहा है। उपराज्यपाल, जो खुद इस पूरे अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं, को सूचित किया गया है कि नालों की सफाई का लगभग 70 प्रतिशत काम रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है।
राजनिवास से मिली जानकारी के मुताबिक उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शेष 30 फीसदी काम को मानसून की दस्तक से पहले, हर हाल में 15 जून 2026 तक पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि दिल्लीवासियों को भारी बारिश के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नरेला और द्वारका पर विशेष फोकस
डीडीए के संचार विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेष सफाई अभियान के तहत दिल्ली के दो बड़े उपनगरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत नरेला में 69 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वाटर नालों की सफाई की जा रही है। द्वारका में 192 किलोमीटर लंबे बरसाती नालों से गाद निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इस पूरे ड्रेनेज नेटवर्क से भारी मात्रा में जमा हुई गाद (सिल्ट), निर्माण सामग्री का मलबा (डेब्रीस), बेतरतीब उगी झाड़ियां और अन्य अवरोधों को पूरी तरह हटाया जा रहा है, जो बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव को रोकते हैं।
समय से पहले शुरुआत का दिख रहा है असर
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल के आदेश पर इस साल डीसिल्टिंग का काम मानसून आने से काफी पहले ही शुरू कर दिया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान सड़कों पर पानी भरने से रोकना, ट्रैफिक कंजेशन (जाम) को कम करना, जलभराव के कारण फैलने वाली बीमारियों को रोकना और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करना है।
डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी न केवल काम की गति बल्कि उसकी गुणवत्ता (क्वालिटी स्टैंडर्ड्स) सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से औचक निरीक्षण कर रहे हैं। उपराज्यपाल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि दिल्ली की जनता को जलभराव की क्रूर मार से बचाना प्राथमिकता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीडीए ने दोहराया है कि वह मानसून के दौरान दिल्ली के निवासियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



