नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया (Australia) और साउथ अफ्रीका के बीच 11 जून से लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का फाइनल मुकाबला खेला जाना है। दोनों टीमें इस बड़े मैच के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपनी तैयारियों में एक अप्रत्याशित बाधा का सामना करना पड़ा।
खबर है कि पैट कमिंस की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को लॉर्ड्स में प्रैक्टिस करने से रोक दिया गया, जबकि भारतीय टीम को उसी मैदान पर अभ्यास की अनुमति दी गई। इस घटना ने क्रिकेट जगत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
ऑस्ट्रेलिया को प्रैक्टिस के लिए करना पड़ा लंबा सफर
रिपोर्ट्स के अनुसार, 8 जून को ऑस्ट्रेलियाई टीम को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर प्रैक्टिस की अनुमति नहीं दी गई। कारण बताया गया कि प्रैक्टिस ग्राउंड उपलब्ध नहीं है। हैरानी की बात यह है कि उसी समय भारतीय क्रिकेट टीम, जो इंग्लैंड के खिलाफ 20 जून से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए तैयारी कर रही है, को लॉर्ड्स में अभ्यास करने की इजाजत मिल गई। ऑस्ट्रेलिया को प्रैक्टिस के लिए वैकल्पिक मैदान तलाशने के लिए तीन घंटे की यात्रा करनी पड़ी, जिससे टीम में निराशा और असंतोष का माहौल है। यह समझ से परे है कि WTC फाइनल से कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया को प्रैक्टिस से वंचित क्यों किया गया, जबकि भारत का पहला टेस्ट लॉर्ड्स में 10 जुलाई से शुरू होगा।
भारत की तैयारियां और ऑस्ट्रेलिया का गुस्सा
भारतीय टीम अपने नए WTC चक्र की शुरुआत के लिए इंग्लैंड में जल्दी पहुंची है। 20 जून से हेडलिंग्ले, लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट खेला जाएगा। इससे पहले, भारत 13 से 16 जून तक बेकेनहैम में एक इंट्रा-स्क्वाड रेड-बॉल मैच खेलेगा। इसके अलावा, केएल राहुल जैसे सीनियर खिलाड़ी इंग्लैंड लायंस के खिलाफ चार दिवसीय अभ्यास मैच में हिस्सा ले रहे हैं। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया को अपने खिताब की रक्षा के लिए 11 जून से साउथ अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबला खेलना है। इस घटना पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने नाराजगी जताते हुए इंग्लैंड पर तंज कसा है।
क्या है विवाद का कारण?
लॉर्ड्स में प्रैक्टिस सुविधाओं को लेकर यह असमानता कई सवाल खड़े कर रही है। ऑस्ट्रेलिया, जो WTC फाइनल की तैयारियों के लिए मैदान पर समय बिताना चाहता था, को प्रैक्टिस से वंचित करना और भारत को अनुमति देना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए हैरान करने वाला है। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई टीम को रविवार, 8 जून को लॉर्ड्स में प्रैक्टिस करने की अनुमति मिली, लेकिन तब तक विवाद ने तूल पकड़ लिया था। यह घटना क्रिकेट की दुनिया में निष्पक्षता और प्रबंधन को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।



