लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आर्थिक कायाकल्प का प्रतीक ‘नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा’ (जेवर) अपने उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है। कल यानी 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें लगभग एक लाख लोगों के जुटने की संभावना है। पहले चरण में यह हवाई अड्डा एक रनवे के साथ अपनी परिचालन सेवाएं शुरू करेगा।
आधुनिकता और संस्कृति का संगम
इस हवाई अड्डे के मुख्य भवन (टर्मिनल) को बनारस के घाटों की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। यह स्थापत्य कला आधुनिक सुविधाओं के साथ भारतीय संस्कृति की अनूठी झलक पेश करती है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे परिसर को एक अभेद्य दुर्ग के रूप में विकसित किया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री के आगमन और संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। लगभग 7000 पुलिसकर्मी, 10 प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी की टीमें और 2 रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां तैनात हैं। सुरक्षा की कमान 10 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) अधिकारियों के हाथों में है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की टीमें लगातार मुस्तैद हैं।
राज्य की अर्थव्यवस्था का ‘शक्ति केंद्र’
उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष सीए पंकज जायसवाल के अनुसार, यह हवाई अड्डा प्रदेश को 10 खरब डॉलर (1 ट्रिलियन डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण इंजन साबित होगा। जब यह अपनी पूर्ण क्षमता से संचालित होगा, तब राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 1% से अधिक की वृद्धि सुनिश्चित होगी।
किसानों और लघु उद्योगों को वैश्विक पंख
सालाना 10 लाख टन माल ढुलाई (कार्गो) की क्षमता से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती मिलेगी। शीघ्र खराब होने वाले फल, सब्जियां और फूलों की सीधी पहुंच अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक होगी। इससे ‘खेत से वैश्विक बाजार’ मॉडल मजबूत होगा और किसानों की आय में 20-30% तक की बढ़ोतरी संभावित है।
रोजगार का महाकुंभ
जेवर हवाई अड्डा केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा।पहले 5 वर्षों में हवाई अड्डा संचालन, सुरक्षा, खुदरा व्यापार और आतिथ्य क्षेत्र में 50 हजार से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी। होटल, पर्यटन, परिवहन और सहायक उद्योगों के माध्यम से भविष्य में लगभग 40 से 50 लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।



