नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,03,700 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पेश किया। यह अब तक का राजधानी का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री, जो वित्त मंत्री का भी कार्यभार संभाल रही हैं, ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य “बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित सड़कें और क्लाइमेट-रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर” विकसित करना है।
शिक्षा को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
इस बजट में शिक्षा विभाग को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है।
- कुल ₹19,148 करोड़ का आवंटन
- बजट का लगभग 18.6% हिस्सा
वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹12,645 करोड़ निर्धारित किए गए हैं, जिससे अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की योजना है।
शहरी विकास और सड़कों पर बड़ा निवेश
राजधानी के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए गए
- शहरी विकास विभाग को ₹7,887 करोड़
- लोक निर्माण विभाग (PWD) को ₹5,921 करोड़
- बिजली विभाग के लिए ₹3,942 करोड़
- धूल-मुक्त सड़कों के लिए ₹1,352 करोड़
- ओवरहेड बिजली तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए ₹200 करोड़
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन योजनाओं से दिल्ली में यातायात व्यवस्था और पर्यावरण दोनों में सुधार होगा।
एमसीडी और ग्रामीण क्षेत्रों को भी बढ़ा फंड
- नगर निगम (MCD) को ₹11,666 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन
- सड़क सुधार के लिए ₹1,000 करोड़ अलग से
- दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड को ₹787 करोड़
नई परियोजनाएं और योजनाएं
बजट में कई नई परियोजनाओं की भी घोषणा की गई—
- इंटीग्रेटेड सेक्रेटेरिएट का निर्माण
- सरकारी कर्मचारियों के लिए रिहायशी कॉम्प्लेक्स
- विधायक क्षेत्र विकास योजना (MLA LAD) के लिए ₹350 करोड़
विकास और पर्यावरण दोनों पर जोर
यह बजट सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि क्लाइमेट रेजिलिएंस और टिकाऊ शहरी विकास पर भी ध्यान केंद्रित करता है। सरकार का उद्देश्य दिल्ली को एक आधुनिक, स्वच्छ और बेहतर कनेक्टेड शहर बनाना है।
कुल मिलाकर, रेखा गुप्ता सरकार का यह बजट राजधानी के समग्र विकास, बेहतर जीवन स्तर और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।



