नई दिल्ली। देश में बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत स्टेशनों को शहर की परिवहन व्यवस्था से जोड़ने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बिना रुकावट बेहतर कनेक्टिविटी और आसान आवाजाही उपलब्ध कराना है। इसके लिए बुलेट ट्रेन स्टेशनों पर मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) सुविधाएं और आधुनिक स्टेशन प्लाज़ा विकसित किए जा रहे हैं।
इस पहल के तहत स्टेशन क्षेत्रों को बस, टैक्सी, निजी वाहनों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिल सके।
स्टेशन प्लाज़ा में आधुनिक सुविधाओं पर जोर
स्टेशन प्लाज़ा को व्यवस्थित और आकर्षक सार्वजनिक स्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान हो सके। यहां पार्किंग, पिक-अप और ड्रॉप ज़ोन, बेहतर फुटपाथ, आधुनिक संकेत प्रणाली, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही लैंडस्केपिंग, वृक्षारोपण और उन्नत अग्निशमन प्रणाली पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) द्वारा सूरत, बिलिमोरा, वापी, भरूच, आणंद और वडोदरा स्टेशनों के आसपास एमएमआई और स्टेशन क्षेत्र विकास के लिए अनुबंध जारी किए जा चुके हैं। इससे एकीकृत यात्री अवसंरचना के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

प्रमुख स्टेशनों पर निर्माण कार्य की स्थिति
सूरत स्टेशन: स्टील स्ट्रक्चर और रूफ शीटिंग का काम पूरा हो चुका है। फॉल्स सीलिंग, क्लैडिंग और फ्लोरिंग का कार्य जारी है। ट्रैक निर्माण भी प्रगति पर है।
बिलिमोरा स्टेशन: रेल और प्लेटफॉर्म स्लैब कास्टिंग तथा स्ट्रक्चरल स्टील इरेक्शन पूरा हो गया है। आर्किटेक्चरल फिनिशिंग और एमईपी कार्य जारी है।
आणंद स्टेशन: कॉन्कोर्स और प्लेटफॉर्म स्लैब कास्टिंग पूरी हो चुकी है। रूफ स्ट्रक्चर तैयार है और लिफ्ट-एस्केलेटर लगाए जा चुके हैं। क्लैडिंग का काम चल रहा है।
वडोदरा स्टेशन: कॉन्कोर्स और ट्रैक लेवल स्लैब कास्टिंग पूरी है, जबकि प्लेटफॉर्म लेवल का कार्य जारी है। स्ट्रक्चरल स्टील इरेक्शन भी प्रगति पर है।
भरूच स्टेशन: रेल और प्लेटफॉर्म स्लैब कास्टिंग तथा स्ट्रक्चरल स्टील इरेक्शन पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का कार्य जारी है।
वापी स्टेशन: रेल और प्लेटफॉर्म स्लैब कास्टिंग तथा स्ट्रक्चरल स्टील इरेक्शन पूरा हो चुका है। स्टेशन पर इलेक्ट्रिकल कार्य प्रगति पर है।

आधुनिक और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में कदम
परियोजना के तहत विभिन्न परिवहन साधनों को जोड़ने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों को हरित और व्यवस्थित बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह पहल देश में आधुनिक, टिकाऊ और यात्री-केंद्रित परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



