नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने नए जिले और सब डिवीजनों बनाने के मद्देनजर राजस्व विभाग में अतिरिक्त 272 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। नए स्वीकृत पदों में 02 जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), 02 अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), 08 उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम), 06 सब-रजिस्ट्रार, 16 तहसीलदार/एसओ, 22 नायब तहसीलदार, 42-42 सीनियर असिसटेंट और जूनियर असिसटेंट, 52 एमटीएस तथा लेखा, योजना, डीएसएस और स्टेनो कैडर के कई पद शामिल हैं।
दो नए जिलों के गठन से पहले राजस्व विभाग के 11जिलों में 1553 स्वीकृत पद थे। 272 नए पदों के सृजन के बाद 13जिलों में कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़कर 1825 हो गई है।
दिल्ली सरकार ने लिया था निर्णय
दिल्ली सरकार ने कैबिनेट निर्णय में दिल्ली सरकार में राजस्व जिलों को पुनर्गठित करते हुए, इनकी संख्या 11 से बढ़ाकर 13 जिलों तक करने की स्वीकृति दी थी। इसके साथ ही सब-डिवीजनों की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 की गई तथा 39 सब-रजिस्ट्रार ऑफिसों की स्थापना का निर्णय लिया गया था, जिससे सभी राजस्व जिले एमसीडी जोन/एनडीएमसी/कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ मिलकर चल सकें।
यह पुनर्गठन कैबिनेट की स्वीकृति के अनुरूप अंतिम रूप से निर्धारित और मैप किया गया है तथा यह गृह मंत्रालय के डीरेगुलेशन सेल और ईज़ ऑफ़ लिविंग अभियान के निर्देशों के अनुरूप है।
वैधानिक जिम्मेदारियों में वृद्धि
इस पुनर्गठन से राजस्व विभाग की वैधानिक जिम्मेदारियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें बीएनएसएस, 2023 के तहत न्यायिक विस्तार एवं प्रशासनिक कार्यभार, भूमि अभिलेख प्रबंधन हेतु फील्ड स्तर पर कार्य, आपदा प्रबंधन कार्य, निर्वाचन संबंधी दायित्व, जनकल्याणकारी योजनाएं, प्रमाण पत्र जारी करने तथा वर्ष भर त्योहारों का प्रबंधन आदि शामिल हैं।
उपराज्यपाल सक्सेना द्वारा राजस्व विभाग में इन अतिरिक्त पदों को मंजूरी दिए जाने से फील्ड स्तर के प्रशासन को मजबूती मिलेगी, कर्मचारियों की कमी दूर होगी तथा नागरिकों को सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसका कदम का उद्देश्य, राजस्व विभाग का जनता से सीधा संपर्क होने के कारण इन उपायों से दक्षता में वृद्धि और प्रशासनिक बाधाओं में कमी लाना है।



