नई दिल्ली। कल्पना कीजिए वो मौसम जब आंधी तूफान या छंटाई के बाद सड़कों के किनारे पत्तियां, टहनियां और हरा कचरा ढेरों में सड़ता रहता था। दुर्गंध फैलती थी। मच्छर बढ़ते थे और लोगों को परेशानी होती थी। अब वहीं कचरा दिल्ली के पहले ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में जाकर खाद बनेगा जो फिर शहर के बगीचों, सेंट्रल वर्ज और सड़क किनारे लगे पौधों को हरा-भरा और मजबूत बनाएगा। इसी कड़ी में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को राजधानी के पहले ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट Public Works Department द्वारा Delhi में विकसित किया गया है, जहां सड़कों के किनारे उत्पन्न होने वाले बागवानी कचरे को प्रोसेस कर खाद में बदला जाएगा और उसे दोबारा हरित कार्यों में उपयोग किया जाएगा।
पहले टहनियां-झाड़ियां कई दिनों तक सड़कों पर या खाली जगहों पर पड़ा रहता था
मंत्री ने कहा कि यह पहल दिल्ली भर के आरडब्ल्यूए, स्कूलों और स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही चिंता का समाधान भी है। पहले जब भी तूफान, छंटाई या रखरखाव के कारण पेड़ों की टहनियां, झाड़ियां या हरित कचरा गिरता था, तो वह कई दिनों तक सड़कों के किनारे या खाली जगहों पर पड़ा रहता था। इससे सड़ांध, दुर्गंध और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती थी। उन्होंने कहा, “आरडब्ल्यूए और स्कूल लगातार एक व्यवस्थित तंत्र की मांग कर रहे थे, क्योंकि यह कचरा कई जगह सड़ता रहता था। अब हमने इसका स्थायी समाधान तैयार कर दिया है।”
अब कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर खाद बनाई जाएगी

उन्होंने यह भी बताया कि हजारों किलोमीटर सड़कों पर बड़े स्तर पर बागवानी कार्य होने के बावजूद विभाग के पास वर्षों तक ऐसा एक भी प्लांट नहीं था। “पहली बार हमारी सरकार ने यह व्यवस्था बनाई है। अब कचरे को फेंका नहीं जाएगा, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर खाद बनाई जाएगी, जिसका उपयोग फिर हरित कार्यों में होगा। इस पहल के तहत अभी छह ग्रीन वेस्ट प्लांट तैयार किए गए हैं, जबकि अगले चरण में छह और बनाए जाएंगे।
हर जिले में एक ऐसा प्लांट स्थापित करने की योजना

सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में हर जिले में कम से कम एक ऐसा प्लांट स्थापित किया जाए, ताकि कचरे का स्थानीय स्तर पर ही कुशल प्रबंधन हो सके। इन प्लांटों में तैयार होने वाली खाद का उपयोग केंद्रीय वर्ज, सड़क किनारे पौधारोपण और पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाले उद्यानों के रखरखाव में किया जाएगा। यह व्यवस्था न केवल कचरे के अनियंत्रित निस्तारण को रोकेगी, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता सुधारेगी और दिल्ली की सड़कों को अधिक हरित और आकर्षक बनाएगी। मंत्री ने इसे पर्यावरण के अनुकूल सुधार बताते हुए कहा कि यह पहल टिकाऊ बुनियादी ढाँचे और बेहतर शहरी प्रबंधन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, यह प्रणाली दिल्ली को स्वच्छ, हरित और अधिक सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



