नयी दिल्ली: रेल भूमि विकास प्राधिकरण ने मुंबई के बांद्रा (पूर्व) में एक ऐतिहासिक कमर्शियल प्रोजेक्ट का आवंटन कर रियल एस्टेट सेक्टर में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ओबेरॉय रियल्टी लिमिटेड ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 5,400 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाकर इस मेगा प्रोजेक्ट को अपने नाम कर लिया है। यह आरएलडीए के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा लेन-देन है।
प्रोजेक्ट के मुख्य आकर्षण
विजेता बोलीदाता: ओबेरॉय रियल्टी लिमिटेड (5,400 करोड़ रुपये)।
राजस्व हिस्सेदारी: बोली के तहत आरएलडीए को कमाई का 45% हिस्सा मिलेगा।
क्षेत्रफल: 45,371 वर्ग मीटर (लगभग 11 एकड़ से अधिक)।
लीज अवधि: 99 साल के लिए व्यावसायिक विकास का अधिकार।
लोकेशन: बांद्रा रेलवे स्टेशन, बीकेसी और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बेहद करीब।
प्रतिस्पर्धा: ब्रुकफील्ड और श्री नमन डेवलपर्स के संयुक्त उद्यम को पीछे छोड़ते हुए ओबेरॉय ने बाजी मारी।
क्यों खास है यह सौदा?
बांद्रा (पूर्व) की यह साइट मुंबई के सबसे प्रीमियम इलाकों में से एक है। 400 के जायज़ एफएआर के साथ, यह स्थान बड़े पैमाने पर व्यावसायिक विकास के लिए तैयार है। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स से इसकी नजदीकी इसे निवेशकों और बड़े कॉरपोरेट्स के लिए पहली पसंद बनाती है। बोलियों के बीच का मामूली अंतर यह स्पष्ट करता है कि बाजार में इस जमीन की मांग और भविष्य की संभावनाओं को लेकर कितना उत्साह है।
आरएलडीए का नया ‘रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल’
यह आवंटन आरएलडीए के उस नए मॉडल की सफलता को दर्शाता है जिसे 2025 में शुरू किया गया था। इस मॉडल के तहत, रेलवे जमीन प्रदान करता है जबकि निर्माण, मार्केटिंग और संचालन की पूरी जिम्मेदारी निजी डेवलपर की होती है। इससे होने वाले मुनाफे को एक पारदर्शी व्यवस्था के तहत साझा किया जाता है, जिससे भारतीय रेलवे को लंबे समय तक एक स्थिर आय सुनिश्चित होती है।
मुंबई के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
महालक्ष्मी और सुपारी बाग के बाद, बांद्रा की यह परियोजना रेलवे भूमि के कुशल उपयोग का सबसे बड़ा उदाहरण बनेगी। यह न केवल मुंबई में विश्व स्तरीय कार्यालय और व्यापारिक स्थान उपलब्ध कराएगी, बल्कि रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए भारी पूंजी भी जुटाएगी।



