लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान प्रदेशवासियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कड़े तेवर अपनाते हुए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध कब्जे की शिकायतों को प्राथमिकता पर लें और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-माफियाओं के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है और गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जिलों में ही हो समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी प्रार्थियों से मुलाकात की और उनके प्रार्थना पत्र लिए। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए सीएम ने कहा:
- स्थानीय स्तर पर कार्रवाई: जिलाधिकारियों और पुलिस प्रशासन को जनपदों में ही जनता की सुनवाई करनी चाहिए ताकि लोगों को लखनऊ न दौड़ना पड़े।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: राजस्व और पुलिस के अधिकारी मामलों की गंभीरता से जांच करें और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाएं।
पैसों की कमी से नहीं रुकेगा इलाज
जनता दर्शन में मानवीय संवेदनाओं का मंजर तब दिखा जब एक महिला अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए गुहार लेकर पहुंची।
- आर्थिक मदद: केजीएमयू में उपचाराधीन बच्चे के लिए मुख्यमंत्री ने तुरंत सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
- भावुक अपील: सीएम ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनका परिवार है और सरकार सभी के सुख-दुख में साथ खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि धन के अभाव में प्रदेश के किसी भी व्यक्ति का इलाज बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
जब नन्हीं बच्ची ने किया सैल्यूट
मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति स्नेह एक बार फिर चर्चा का विषय रहा। कार्यक्रम के दौरान दो खास वाकये हुए:
- सैल्यूट और आशीर्वाद: एक बच्ची ने जब सीएम को सैल्यूट किया, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उसे खूब मन लगाकर पढ़ने का आशीर्वाद दिया और चॉकलेट भेंट की।
- कविता पर मिला दाखिला: अपनी माँ के साथ आई एक अन्य बच्ची ने सीएम को “हम शेर बच्चे हैं…” कविता सुनाई। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने न केवल उसकी तारीफ की, बल्कि अधिकारियों को उसका तुरंत स्कूल में एडमिशन कराने का भी निर्देश दिया।
जनता दर्शन के मुख्य अंश: एक नजर में
| विषय | मुख्यमंत्री का निर्देश / आश्वासन |
| अवैध कब्जा | जीरो टॉलरेंस की नीति; दोषियों पर निरंतर कड़ी कार्रवाई। |
| स्वास्थ्य सहायता | इलाज के लिए सरकारी खजाने से तत्काल आर्थिक मदद। |
| जनसुनवाई | स्थानीय प्रशासन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जांच करें। |
| बाल शिक्षा | बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा और प्रोत्साहन पर जोर। |



