नई दिल्ली: ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित भारत पर्व 2026 के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) रांची के स्टॉल पर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का सुंदर दृश्य देखने को मिला, जब ब्राजील के एक नागरिक ने झारखंड की समृद्ध पाक कला और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।
आईएचएम रांची के छात्रों ने अतिथि का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया और झारखंडी व्यंजनों, स्थानीय सामग्रियों तथा जनजातीय सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी साझा की। छात्रों ने भारत पर्व को भारत की विविधता, एकता और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त मंच बताया।
शेफ हरे कृष्ण चौधरी ने भारतीय और विशेष रूप से झारखंडी भोजन परंपराओं की विशेषताएं बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय व्यंजन स्थानीय भूगोल, जलवायु और विरासत से गहराई से जुड़े होते हैं। उन्होंने भारत पर्व को भारत की सॉफ्ट पावर को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम बताया।
ब्राजील के अतिथि ने झारखंडी व्यंजनों की सादगी, पोषण और सांस्कृतिक गहराई की प्रशंसा करते हुए छात्रों और शिक्षकों के आतिथ्य सत्कार की सराहना की। यह संवाद सांस्कृतिक कूटनीति का जीवंत उदाहरण बना।
स्किल स्टूडियो के अंतर्गत शेफ हरे कृष्ण चौधरी द्वारा पारंपरिक झारखंडी व्यंजन धुस्का का लाइव प्रदर्शन भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। आलू-चना सब्जी के साथ परोसे गए इस व्यंजन को भोजन प्रेमियों ने खूब पसंद किया।
भारत पर्व 2026 में आईएचएम रांची की यह प्रस्तुति न केवल झारखंड की पारंपरिक पाक संस्कृति को बढ़ावा देती है, बल्कि छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुमूल्य अनुभव भी प्रदान करती है।



