भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता: वैश्विक अर्थव्यवस्था में नए युग का सूत्रपात

भारत और यूरोपीय संघ ने आज एक अत्यंत महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

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नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ ने आज एक अत्यंत महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। 18 वर्षों के लंबे अंतराल और गहन वार्ताओं के बाद संपन्न यह समझौता विश्व व्यापार के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ शिखर वार्ता के बाद इस “ऐतिहासिक सौदे” की घोषणा की।

इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” क्यों कहा जा रहा है?

इस समझौते को इसके विशाल विस्तार और प्रभाव के कारण यह नाम दिया गया है:

  • विशाल बाजार: यह समझौता लगभग 1.9 बिलियन उपभोक्ताओं के लिए एक एकीकृत बाजार तैयार करेगा।
  • आर्थिक शक्ति: भारत और 27 यूरोपीय देशों का यह समूह मिलकर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 25% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
  • व्यापक कवरेज: समझौते के तहत 90% से अधिक भारतीय वस्तुओं को यूरोपीय बाजार में ‘ड्यूटी-फ्री’ (शुल्क-मुक्त) प्रवेश मिलेगा।

प्रमुख लाभ और प्रभावित क्षेत्र

  • टेक्सटाइल्स और लेदर: भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में 0% शुल्क पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।
  • ऑटोमोबाइल: यूरोपीय निवेश में बढ़ोतरी होगी। विदेशी कारों पर आयात शुल्क 110% से घटकर 40% (भविष्य में 10%) रह जाएगा।
  • निर्यात: भारत के लिए 135 बिलियन डॉलर के वर्तमान व्यापार को और अधिक बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
  • आईटी और सर्विसेज: भारतीय इंजीनियरों और पेशेवरों के लिए यूरोप में काम करने के अवसर बढ़ेंगे।

भू-राजनीतिक प्रभाव

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 50% तक का भारी टैरिफ (शुल्क) लगा रखा है।

  • रणनीतिक संतुलन: विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अमेरिका द्वारा लगाए गए करों के विरुद्ध एक सुरक्षा कवच का काम करेगा।
  • अमेरिकी रुख: समझौते के दौरान अमेरिका ने भारत के रूसी तेल व्यापार पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत और ईयू ने आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह समझौता दुनिया की 2 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच विश्वास का नया सेतु है।”

Samiksha Mishra

samiksha.mishra1222@gmail.com

मैं कॉपीराइटर हूँ, जिसे कंटेंट के ज़रिए कहानियाँ गढ़ने और ब्रांड्स की आवाज को मजबूती देने का तीन वर्षों का पेशेवर अनुभव है। शब्दों की सटीकता, रचनात्मकता और पाठकों से जुड़ाव, यही मेरी लेखनी की पहचान है।

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