नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नून के खिलाफ रिपब्लिक डे से पहले राजधानी में अशांति फैलाने की कथित धमकी को लेकर एफआईआर दर्ज की है।
‘स्लीपर सेल’ वीडियो के आधार पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पन्नून ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उसके “स्लीपर सेल” ने दिल्ली के रोहिणी और डाबरी इलाकों में कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाए हैं। इसी वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली पुलिस को नहीं मिले कोई पोस्टर
पुलिस ने वीडियो में बताए गए इलाकों की जांच की, लेकिन वहां कोई भी खालिस्तान समर्थक पोस्टर नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो भ्रामक और डर फैलाने के इरादे से जारी किया गया प्रतीत होता है।

BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने पन्नून के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इनमें धारा 196 (वैमनस्य फैलाना), 197 (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बयान), 152 (संप्रभुता और अखंडता को खतरा) और 61 (आपराधिक साजिश) शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, पन्नून ने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और 26 जनवरी को झंडारोहण रोकने वाले व्यक्ति को 1.11 लाख डॉलर इनाम देने की घोषणा का भी दावा किया।
स्कूलों की दीवारों पर नारे लिखने का भी दावा
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पन्नून ने कुछ स्कूलों की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे जाने का दावा किया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
रिपब्लिक डे से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली पुलिस ने 77वें गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद राजधानी में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बहुस्तरीय तैनाती की गई है। पूरे इलाके को सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस किया गया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, रिपब्लिक डे के मौके पर करीब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। अब तक 9 बार ग्राउंड ब्रीफिंग और रिहर्सल की जा चुकी है।
पुलिस ने जांच और निगरानी तेज की
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या साजिश को समय रहते रोका जा सके।



