नई दिल्ली। बसंत पंचमी के दिन दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी दिल्ली में तेज ठंडी हवाओं के साथ ठंड बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
कई राज्यों में बारिश
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में देर रात से बारिश का सिलसिला जारी है। कई इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को ठंड का ज्यादा एहसास हो रहा है। राजस्थान के सीकर में बारिश के साथ गिरे ओलों से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
हिमालयी राज्यों में बर्फबारी
हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही करीब साढ़े तीन महीने से चला आ रहा ड्राई स्पेल खत्म हो गया है। उत्तराखंड में सीजन की पहली बर्फ़बारी हुई। यमुनोत्री धाम में भी शुक्रवार को जमकर बर्फ़बारी हुई है। केदारनाथ धाम में भारी बर्फ़बारी हो रही है, जिस वजह से मंदिर और उसके आसपास के इलाके में ठंड बढ़ गई है।
जम्मू-कश्मीर में यातायात प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के मैदानी और पहाड़ी जिलों में लगातार बर्फबारी हो रही है। श्रीनगर एयरपोर्ट पर करीब 4 इंच तक बर्फ जम गई, जिसके चलते शुक्रवार के लिए सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद कर दिया गया है। नवयुग टनल के पास यातायात रोक दिया गया है, जबकि मुगल रोड और सिंथन रोड भी बंद हैं। कटरा में बर्फबारी के कारण वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। राजौरी, पुंछ और कठुआ जिलों में एहतियातन स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
26 जनवरी को बारिश की संभावना
24 जनवरी को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल छाए रहेंगे, और हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 25 जनवरी को मौसम मुख्य रूप से आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला या साफ रहेगा। हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। ठंडी हवाओं का असर तेज हो सकता है, और न्यूनतम तापमान में 2-4°C की गिरावट आने या स्थिर रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, 26 जनवरी को एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से उत्तर भारत के करीब 9 राज्यों में बारिश और पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ
पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम दिशा से आने वाली हवाओं और बादलों का एक मौसमी सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। साथ ही तापमान में गिरावट, पाले और शीतलहर जैसे हालात बन जाते हैं।



