नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली के मंच पर भोजपुरी साहित्य की गूंज सुनाई दी। सर्व भाषा ट्रस्ट एवं चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह स्मृति संस्थान, आरा (बिहार) द्वारा प्रतिष्ठित ‘चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह साहित्य सृजन सम्मान’ के लिए वर्ष 2025 और 2026 के विजेताओं की घोषणा की गई। भोजपुरी के दो प्रमुख साहित्यकारों—संतोष पटेल और जयशंकर प्रसाद द्विवेदी—को उनकी साहित्यिक तपस्या और भोजपुरी संस्कृति के संरक्षण के लिए इस सम्मान से नवाजा गया।
गरिमामयी समारोह में हुआ सम्मान
प्रगति मैदान के हॉल संख्या 2 और 3 में स्थित सर्व भाषा ट्रस्ट के स्टॉल पर आयोजित इस समारोह में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) के संपादक व साहित्यकार ललित लालित्य और सर्व भाषा ट्रस्ट के समन्वयक व कवि केशव मोहन पांडे ने अपने कर-कमलों से दोनों रचनाकारों को सम्मानित किया।
- सम्मान स्वरूप: दोनों साहित्यकारों को सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र और 5100 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
भोजपुरी के विस्तार पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ललित लालित्य ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास अब भोजपुरी अनुवाद के क्षेत्र में भी सक्रियता से कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के सम्मान भोजपुरी भाषा के विकास और उसके वैश्विक विस्तार में मील का पत्थर साबित होंगे।
साहित्यकारों ने जताया आभार
- संतोष पटेल: सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा, “यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी भोजपुरी भाषा का सम्मान है।” उन्होंने इसे अपने भोजपुरी जन-जागरण अभियान के साथियों को समर्पित किया।
- जयशंकर प्रसाद द्विवेदी: उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय समृद्ध भोजपुरी परंपरा को देते हुए कहा, “यह सम्मान भोजपुरी साहित्य सरिता की पूरी टीम की मेहनत का फल है।”
साहित्यिक समागम
इस अवसर पर साहित्य, संपादन और कला जगत से जुड़ी कई नामचीन हस्तियाँ और बड़ी संख्या में पाठक मौजूद रहे। वक्ताओं ने सराहा कि सर्व भाषा ट्रस्ट दिल्ली जैसे महानगर में भोजपुरी की जड़ों को सींचने का सराहनीय कार्य कर रहा है।



