नई दिल्ली। प्रयागराज में माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम नोज पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के चलते प्रशासन ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। आरोप है कि इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
भीड़ के कारण जुलूस रोका गया
प्रशासन के अनुसार, मौनी अमावस्या के कारण संगम नोज पर पहले से ही लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए मौजूद थे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस और मेला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में था। इसी कारण शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल जाने का अनुरोध किया गया।
पुलिस और समर्थकों में झड़प
प्रशासन के अनुरोध के बावजूद समर्थक और भक्त आगे बढ़ने लगे, जिससे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और हल्की झड़प हो गई। समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने अभद्रता की और बल प्रयोग किया, जबकि प्रशासन का कहना है कि हालात को काबू में रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
शंकराचार्य ने संगम स्नान से किया इनकार
घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके चलते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया। उनका जुलूस फिलहाल रुका हुआ है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और भीड़ नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।



