तमिल सुपरस्टार थलपति विजय के प्रशंसकों के लिए आज का दिन निराशाजनक रहा। विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही ‘जन नायकन’ जो 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, उसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
फिल्म के निर्माताओं केवीएन प्रोडक्शंस ने “अपरिहार्य परिस्थितियों” का हवाला देते हुए ऐन मौके पर यह फैसला लिया है, जिसके बाद देश भर में टिकट रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

4.5 लाख से ज्यादा टिकटों का रिफंड: भारतीय सिनेमा का सबसे बडा आंकडा
रिलीज टलने की घोषणा के समय तक फिल्म की एडवांस बुकिंग जोरों पर थी और हजारों टिकट बिक चुके थे। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, अकेले भारत में बुकिंग प्लेटफॉर्म्स ने लगभग 4.5 लाख टिकटों के पैसे वापस करने की प्रक्रिया शुरू की है। अनुमान है कि केवल भारत में अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया जा चुका है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकडा और भी बडा होने की संभावना है। इसे भारतीय सिनेमा इतिहास का अब तक का सबसे बडा रिफंड अभियान माना जा रहा है।
मद्रास हाईकोर्ट का हस्तक्षेप और सेंसर बोर्ड का अडियल रुख
फिल्म की रिलीज रुकने का मुख्य कारण केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से क्लियरेंस न मिलना है। मामला मद्रास हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां शुक्रवार को अदालत ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया कि फिल्म को यू/ए 16+ सर्टिफिकेट प्रदान कर रिलीज का रास्ता साफ किया जाए। हालांकि, खबरें हैं कि सीबीएफसी इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहा है, जिससे रिलीज की नई तारीख पर सस्पेंस बना हुआ है।
सियासी साजिश या तकनीकी अडचन?
थलपति विजय इस साल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी टीवीके के साथ चुनावी मैदान में उतरने वाले हैं। ऐसे में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म की रिलीज रोकना उनकी लोकप्रियता को कम करने की एक “राजनीतिक साजिश” है। फिल्म ‘जन नायकन’ में विजय के साथ पूजा हेगडे, प्रकाश राज और ममिता बैजू मुख्य भूमिकाओं में हैं, और इसका निर्देशन एच. विनोथ ने किया है।



