नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच 23वें शिखर सम्मेलन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में भारत–रूस की रणनीतिक साझेदारी ने कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं और 2010 में इसे “Special and Privileged Strategic Partnership” का दर्जा मिला। उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व और भारत के प्रति गहरी मित्रता की सराहना की।
2030 तक आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और रूस ने 2030 तक आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक नया आर्थिक सहयोग प्रोग्राम शुरू करने पर सहमति बनाई है। इससे दोनों देशों के व्यापार और निवेश में विविधता, संतुलन और स्थिरता आएगी। उन्होंने भारत-रूस व्यापार मंच में भाग लेने का भी उल्लेख किया, जो व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा और निर्यात, सह-उत्पादन और नवाचार के नए अवसर खोलेगा।
कृषि और उर्वरक क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ाने की योजना
दोनों देशों ने यूरेशियन इकॉनॉमिक यूनियन के साथ FTA शीघ्र पूरा करने के प्रयासों पर चर्चा की। कृषि और उर्वरक क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जिसमें यूरिया उत्पादन में संयुक्त प्रयास शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी भारत में खाद्य सुरक्षा और किसानों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी सहयोग को प्राथमिकता बताया। INSTC, Northern Sea Route और चेन्नई–व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर में सहयोग के नए अवसरों की घोषणा की। इसके अलावा, भारत के समुद्री कर्मचारियों को आर्कटिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए रूस के साथ सहयोग शुरू किया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
ऊर्जा सुरक्षा और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में भारत–रूस साझेदारी दशकों से मजबूत रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि Critical Minerals में सहयोग वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और विविध सप्लाई चैन सुनिश्चित करने में मदद करेगा, जिससे क्लीन एनर्जी, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नए उद्योगों में साझेदारी को बल मिलेगा।
30-दिन का ई-टूरिस्ट वीजा और ग्रुप टूरिस्ट वीजा लागू होगा
सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों पर भी जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में रूस में भारत के दो नए कांसुलेट खोले गए हैं और शीघ्र ही रूसी नागरिकों के लिए 30-दिन का ई-टूरिस्ट वीजा और ग्रुप टूरिस्ट वीजा लागू होगा। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ेगा।
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मानव संसाधन विकास, स्किलिंग और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि छात्र, विद्वान और खिलाड़ी आपस में अनुभव और ज्ञान साझा करेंगे, जिससे लोगों की क्षमताओं का विकास होगा।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष में शांति का पक्ष रखा है और आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों ने लगातार सहयोग किया है। उन्होंने जोर दिया कि भारत–रूस संबंधों की मजबूती वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सहायक होगी और साझा भविष्य को और समृद्ध बनाएगी।



